| | बिजली कटौती के लिए डीवीसी जिम्मेवार नहीं | | | |
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| | हजारीबाग क्षेत्र में बिजली की कटौती (लोड सेडिंग) के लिए डीवीसी जिम्मेवार नहीं है. डीवीसी झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के सिंदूर पावर सब स्टेशन को नियमित विद्युत आपूर्ति कर रहा है. इस आशय की जानकारी दामोदर वैली कॉरपोरेशन ऑफिसर्स फोरम के अध्यक्ष सह मुख्य अभियंता जीएन सिंह और महासचिव संजय सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में दी. श्री सिंह ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच यह प्रचारित किया जा रहा है कि विद्युत कटौती डीवीसी कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि किसी भी दिन डीवीसी ने 24 घंटे में 90 मिनट से अधिक बिजली नहीं काटा है. इससे अधिक बिजली कटती है, तो उसके लिए विद्युत बोर्ड जिम्मेवार है.हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लिए लगभग 50 एमवीए विद्युत की आवश्यकता है, जिसे डीवीसी नियमित रुप से आपूर्ति कर रहा है. कोयला और पानी की कमी के कारण कभी-कभी लोड सेडिंग करना पड़ता है, जो अधिकतम 90 मिनट है. विद्युत की कमी को हम वैकल्पिक व्यवस्था कर पूरा कर लेते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यालय से हमें स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी हाल में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली नहीं काटी जाये. उत्पादन में कमी की भरपाई के लिए गैर घरेलू क्षेत्रों की बिजली काटी जाये. विद्युत बोर्ड के पास डीवीसी का 1200 करोड़ रुपये बकाया है. बार-बार मांग करने पर भी बकाया राशि नहीं दी जा रही है.श्री सिंह ने कहा कि 10वीं और 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत सरकार ने पावर विजन 2012 कार्यक्रम तय किया है. इसके तहत डीवीसी की उत्पादन इकाइयों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है. झारखंड के 11566 गांव में विद्युतीकरण की जवाबदेही डीवीसी नेली है. अधिकतर गांवों में काम पूरा कर लिया गया है. प्रेस सम्मेलन में कार्यकारी सदस्य जयदीप विश्वास भी शामिल थे. |
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