नयी दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार घातक इंफ्लूएंजा ए एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी आने के साथ 120 से अधिक देश इसकी चपेट में आ गये. इससे पीड़ित लोगों की संख्या मार्च से अब तक 77 हजार 201 से ज्यादा पहंच गयी व इससे मरने वालों की संख्या 332 हो गयी है. डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार गत 29 जून को बताये आंकड़ों की तुलना में बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में 6301 की बढ़ोत्तरी हई है, जबकि मृतकों की संख्या भी 21 अधिक हो गयी है व प्रभावित होने वाले देशों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है. दुनिया में शाम तक स्वाइन फ्लू से मरने वाले रोगियों की संख्या में अमेरिका पहले स्थान पर है जबकि मेक्िसको दूसरे स्थान पर है.अमेरिका में स्वाइन फ्लू से पीडित रोगियों की संख्या 27 हजार 717 हो गयी है, जबकि मृतकों की संख्या 127 हो गयी है जो दुनिया में किसी भी देश में इस रोग से मरने वालों की संख्या में सबसे अधिक है. मेक्िसको में स्वाइन फ्लू से पीड़ित रोगियों की संख्या 8680 है, इस रोग से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 116 पहंच गयी है. इनमें अमेरिका, मेक्िसको, कनाडा, अर्जेटिना, आस्ट्रेलिया, चिली, कोलंबिया, कोस्टारिका, ब्रिटेन, डोमीनिकल गणराज्य और ग्वाटेमाला शामिल है. एजेंसी के अनुसार स्वाइन फ्लू से पीड़ित रोगियों की संख्या में कनाडा में 7983, चिली में 6211, आस्ट्रेलिया में 4090, जापान में 1266 और थाईलैंण्ड में बढकर 1414 पहंच गयी है.यूरोप में ब्रिटेन स्वाइन फ्लू से सर्वाधिक प्रभावित देश बना हआ है, जहां पिछले आंकड़ों की तुलना में 2288 नये मामले दर्ज हए हैं. यहां कुल मामलों की संख्या 6538 हो गयी है, जिसमें तीन रोगियों की मौत भी शामिल है.स्वाइन फ्लू विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वाइन फ्लू का कारगर टीका बनाने का प्रयास चल रहा है जिसमें भारत भी शामिल है. |