वेस्टइंडीज ने दूसरा वन-डे जीत सिरीज में उत्साह जगा दिया. वैसे भी विश्व में चल रहे अन्य खेल आयोजनों से यह सिरीज कुछ फीकी सी नजर आ रही थी. यह बहुत बड़ी जीत थी. इससे वेस्टइंडीज का मनोबल काफी बढ़ेगा. पहले वन-डे में भी बड़े लक्ष्य के करीप पहुंच गया था वेस्टइंडीज. इससे बड़े लक्ष्य को हासिल करने का डर भी उसके दिमाग के काफी कुछ निकल गया है. भारत का शीर्ष क्रम लगातार चिंता का विषय बना हुआ है. बल्लेबाज शार्ट गेंद को ठीक से नहीं खेल पा रहे हैं. रोहित शर्मा का फ़ुटवर्क उन्हें परेशान किये है. वे फ्रंट फ़ुट पर फ़ंस कर रह गये हैं.        
 
बैक फ़ुट पर खेलते समय अपना वजन ट्रांसफर नहीं कर पा रहे हैं. यही कारण है कि आसान कैच दे बैठते हैं. जिन दो खिलाड़ियों से भारत को सबसे ज्यादा आशा है, वे ही शार्ट गेंदों से परेशान हो रहे हैं. कारण है कि घरेलू स्तर पर इस तरह की पिचों पर खेलने के वे आदी नहीं हैं. दोनों ही बहुत ज्यादा टैलेंटेड हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने दिखाया है कि उनमें बड़े मैचों में खेलने का टेंपरामेंट भी है. इस समस्या से उबरने के लिए जरूरत है तो सिर्फ प्रैक्िटस, प्रैक्िटस और प्रैक्िटस की. उम्मीद यही है कि यह थोड़े समय की समस्या है. यहां जरूरी है बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की, ताकि दूसरे वन-डे की तरह बल्लेबाजी तहस-नहस न हो. खिलाड़ियों को भी यह समझने की जरूरत है कि यह 50 ओवरों का खेल है, इसलिए यहां सेट होने के लिए थोड़ा समय है. पहले विकेट को समझो फिर बड़े शाट खेलो. कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने दिखाया कि आराम-आराम से खेल कर भी कैसे बड़ी पारी खेली जा सकती है. फिर आरपी सिंह के साथ उनकी पार्टनरशिप ने भारत को 100 रन से नीचे आउट की शर्म से बचा लिया. वह खुद शानदार शतक बनाने से जरूर चूक गये, लेकिन भारत को एक सम्मानजनक स्कोर तक जरूर पहुंचाने में सफल रहे. अगर अन्य भी उनसे कुछ सीखें और जिम्मेदारी के साथ खेलें तो भारत अच्छा-खासा स्कोर खड़ा कर सकता है.        
 
कप्तान के फार्म में नजर आने का मतलब है कि उनके ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी के लिए आने की अच्छी संभावना है, जैसा कि उन्होंने टी-20 विश्वकप के शुरू के कुछ मैचों में किया था. रोहित शर्मा जब स्ट्रगल कर रहे हैं तो कप्तान को खुद ऊपर आना चाहिए या फिर बद्रीनाथ को खेलाना चाहिए. बद्री ऐसे खिलाड़ी हैं जो कि परिस्थिति के अनुकूल खुद को ढाल लेते हैं लेकिन यह टीम उन लोगों को लंबा समय देने में विश्वास करती है, जिन्होंने खुद को साबित किया है शर्मा ने वाकई विगत में अच्छा किया है. भारत की गेंदबाजी भी चिंता का कारण है क्योंकि गेल और मोर्टन ने गेंदबाजों की अच्छी-खासी क्लास ली है. विकेट में कोई खराबी नहीं थी, लेकिन गेंदबाजों जैसी गेंदबाजी की, वह चिंता का विषय है.  गेल ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्हें कोई भी गेंदबाज गेंद नहीं डालना चाहेगा. उनका ही विकेट है, जिस पर भारतीयों की नजर होगी. (पीएमजी)
 
हो सकता है वे देखें कि चामिंडा वास ने उन्हें कैसे आउट किया था और आरपी सिंह ऐसा करने में सफल रहे तो आधी लड़ाई तो भारत वैसे ही जीत जायेगा. वेस्टइंडीज टीम उफान पर है, इसलिए यह आसान नहीं होगा. कप्तान के रूप में धौनी का रिकार्ड बहुत अच्छा है और वे टीम को एक बार फिर अपने नेतृत्व में आगे ले जायेंगे. (पीएमजी). |