मैथन :  झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के जेओए चुनाव का विरोध किये जाने के कारण पुलिस पदाधिकारियों के सामने सांप-छछूंदरवाली स्थिति थी. कोई भी पुलिस पदाधिकारी श्री चौधरी का सामना करने को तैयार नहीं था. एक पुलिस अधिकारी ने एक प्रशासनिक अधिकारी से कहा कि श्री चौधरी से आप लोगों को क्या परेशानी हो सकती है. भविष्य में कुछ होगा, तो पुलिस पदाधिकारी के साथ ही होगा. पुलिस पदाधिकारियों की परेशानी से श्री चौधरी भी वाकिफ थे, इसलिए वे अपने समर्थकों को मर्यादा व संयम में रहने की सलाह दे रहे थे. बातचीत के क्रम में एक बार तो उन्होंने एक डीएसपी को सीआरपीसी पढ़ने तक की सलाह दे डाली.और जब आरके आनंद की गाड़ी घुसी हॉस्टल में आरके आनंद को दूसरे रास्ते से हॉस्टल के अंदर प्रवेश करता देख श्री चौधरी के समर्थक उग्र हो गये. वे एकबारगी हॉस्टल की ओर बढ़ने लगे. तब ऐसा लगने लगा कि इनकी गिरफ्तारी हो जायेगी. इसकी तैयारी में प्रशासन के लोग व पुलिस अधिकारी भी लग गये. परंतु तब तक श्री चौधरी वहां पहुंचे और स्थिति को संभाला. बाद में उनके समर्थक बीच सड़क पर ही बैठ कर विरोध करने लगे.अभूतपूर्व थी सुरक्षा व्यवस्थास्पोर्ट्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व थी. पुलिस जवानों ने अधिकारियों के साथ मिल कर इसे एक किले का रूप दे दिया था. पांच स्थानों पर बैरिकेटिंग की गयी थी. सभी स्थानों पर एक दंडाधिकारी को नियुक्त किया गया था. हॉस्टल के मुख्य द्वार के समीप बैरिकेटिंग के समीप कार्यपालक दंडाधिकारी, एसडीओ जॉर्ज कुमार, एडीएम विधि व्यवस्था प्रेम प्रकाश, डीएसपी अवध बिहारी राम व शैलेंद्र वर्णवाल ओद मोरचा संभाले हुए थे, जबकि बीडीओ निरसा खली कुज्जमां, सीओ विजय कुमार गुप्ता, इंसपेक्टर माधवराम भार्गव, निरसा, चिरकुंडा, मैथन, गलफरबाड़ी, कुमारधुबी, पंचेत, कालूबथान, बरवाअड़्डा के थानेदार, मिहिर झा सहित काफी संख्या में महिला व पुरुष पुलिस बल तथा निजी सुरक्षाकर्मी को तैनात किया गया था.और थक कर बैठ गये अमिताभ चौधरीचुनाव स्थल तक पहुंचने में विफल रहे अमिताभ चौधरी तीन घंटे के जद्दोजहद के बाद काफी थके नजर आ रहे थे. पसीने से लथपथ श्री चौधरी थकान मिटाने के लिए कुछ देर के लिए चिरकुंडा थाना की जीप के बोनेट पर बैठ गये.अशोक व आनंद में हुई बहसभाजपा के जिलाध्यक्ष अशोक मंडल की बहस आरके आनंद से चेयरमैन कैेंप कार्यालय में उस समय हो गयी, जब वे अपने समर्थकों के साथ हॉल में बैठे थे. श्री आनंद ने उन्हें वहां मौजूद देख तत्काल बाहर जाने को कहा.पर्यवेक्षक से पूछे  पांच सवालपर्यवेक्षक गुरबीर सिंह से बातचीत के क्रम में अमिताभ चौधरी ने मुख्यत पांच प्रश्नों पर उनका ध्यानकृष्ट किया. पहला यह कि वोटर को कार्ड  क्यों नहीं दिया गया, चुनाव में नामांकन की क्या प्रक्रिया अपनायी गयी, गुमला जिला डिफाल्टर था तो उसे अप्रैल माह में हुई बैठक में भाग लेने क्यों दिया गया, बॉक्िसंग, कुश्ती ओद संघ जो डिफाल्टर नहीं हैं, उन्हें इस एजीएम से बाहर क्यों रखा गया? श्री सिंह ने श्री चौधरी को आश्वस्त किया कि उनकी बातों की जांच की जायेगी. तब समर्थक उनसे चुनाव पर रोक लगाने की मांग करने लगे. इस पर श्री सिंह ने कहा कि वे अंदर जाकर इसकी जानकारी लेते हैं और उन्हें सूचित करते हैं. परंतु चुनाव समाप्त होने के बाद श्री सिंह वापस दुबारा नहीं आये. |