पटना : पर्यावरण विज्ञान के एक नये अध्ययन में कहा गया है कि पिछले साल प्रदेश के कोसी इलाके में आयी बाढ़  का कारण ग्लेशियरों का पिघलना है. पर्यावरण में आ रहे बदलाव के कारण होनेवाली तबाहियों व बीमारियों पर गंभीर अध्ययन करने वाली पत्रिका लांसेट  में कहा गया है कि बिहार के कोसी इलाके में आयी बाढ़  का एक प्रमुख कारण ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना है. अर्थशास्त्री फ्रैेंक ऑकरमैन की नयी पुस्तक ‘केन वी अफोर्ड द फ्यूचर  द इकॉनोमिक्स ऑफ वार्मिग वर्ल्ड’ में लांसेट के अध्ययन-शोध का जिक्र है. ऑकरमैन  ग्लोबल डेवलपमेंट एंड इनवायरमेंट इंस्टीट्यूट के रिसर्च फेलो हैं. वे स्टॉकहोम इनवायरमेंट इंस्टीट्यूट -यूएस सेंटर के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी हैं.   |