धनबाद  : मैथन के नवनिर्मित स्पोर्ट्स हॉस्टल में संपन्न झारखंड ओलिंपिक संघ (जेओए) के चुनाव में एक बार फिर सर्वसम्मति से आरके आनंद अध्यक्ष, एसएम हाशमी महासचिव व  मधुकांत पाठक कोषाध्यक्ष चुन लिये गये. आइओेए के पर्यवेक्षक गुरबीर सिंह ने कहा कि संघ का एजीएम व चुनाव जेओए के संविधान व नियमानुसार हुआ है. इसके 72 सदस्यों में से 48 सदस्य बैठक में उपस्थित थे. इन सदस्यों ने उपरोक्त तीनों का चयन किया. इन पदों के लिए कोई अन्य प्रत्याशी सामने नहीं आया. हॉस्टल के बाहर चले हंगामे पर उन्होंने कहा कि चुनाव में हंगामा होता ही रहता है. इस कारण चुनाव को रोकना या टालना संभव नहीं है. वहं चुनाव के रिटर्निग ऑफिसर नहीं हैं, जो चुनाव रोक दें.चुनाव गैरकानूनी, कोर्ट जायेंगे  झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने गुरुवार को मैथन में हुए जेओए के चुनाव को अनैतिक व गैरकानूनी बताया है. उन्होंने इसके विरोध में कोर्ट जाने का संकेत दिया. धनबाद क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अमिताभ चौधरी ने कहा कि फिलवक्त ऐसे लोग जेओए पर काबिज हैं, जिन्होंने राज्य में खेल की लुटिया डुबो दी है. यहां खेल को लूट का चरागाह बना दिया गया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इसके विरोध में लोग उठ  खड़े  हुए हैं. अपने फायदे के लिए इन लोगों ने एसोसिएशन का संविधान तक बदल डाला.गैरकानूनी कार्यो की पूरी श्रंखला हैउन्होंने यह भी कहा कि नियम भी यही लोग बनाते हैं और डिफाल्टर भी यही लोग हैं. यह गैरकानूनी है. यूं कहें, तो इन लोगों के गैरकानूनी कायरें की पूरी श्रंखला ही है. सभी लोग जानते हैं कि ज्यादातर खेल संगठन सरकार के पैसे से चलते हैं. यह पैसा जनता से मिलनेवाले टैक्स से आता है. इन पैसों का यह सरासर दुरुपयोग है. यह जनता के साथ छल है.पर्यवेक्षक को पत्र सौंपाअमिताभ चौधरी ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को अचानक प्रकट हुए पर्यवेक्षक गुरबीर सिंह को एक पत्र सौंपा है. पत्र में 23 लोगों के हस्ताक्षर हैं. उन्होंने दावा किया है कि ये सभी जेओए के सदस्य हैं. उन्होंने पत्र में कहा है कि एसोसिएशन के नियम व कानून से खिलवाड़ किया गया है. कई सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी गयी है . उन्होंने कहा कि हम भी कानून का उल्लंघन कर सकते थे, लेकिन हम कानून पसंद लोग हैं. ऐसा करने से हममें और उनमें क्या अंतर रह जाता. आज के चुनाव में नियम-कानून की धज्जियां उड़ायी गयीं.चार साल में एक भी बैठक नहींउन्होंने कहा कि चार साल में एक बार भी कार्यकारिणी की बैठक नहीं बुलायी गयी. पहले कार्यकारिणी कमेटी की बैठक होती है,  फिर एजीएम. हमने पहले ही भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन को 236 पन्नों की रिपोर्ट भेजी है, जिसमें सारी गड़बड़ियों की जिक्र है. |