रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने लोहरदगा के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी के उस फ़ैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अभियुक्त मोफिल खान व मुबारक खान को फांसी की सजा सुनायी गयी थी. अदालत ने वकील खान व सद्दाम खान की फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया है. जस्टिस अम्रेश्वर सहाय व जस्टिस आरआर प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को यह फ़ैसला सुनाया. लोहरदगा कुडू थाना क्षेत्र के मकांदू गांव में एक ही परिवार के आठ लोगों की हत्या के मामले में निचली अदालत ने पांच अगस्त 2008 को मोफिल खान व मुबारक खान, वकील खान व सद्दाम खान को फांसी की सजा सुनायी थी. छह जून 2007 की रात अभियुक्तों ने मो हनीफ, गफ्फार, इमरान, कुसूमन बीबी, मेहरबान व पांच वर्षीय अनीस व आठ वर्षीय दानिश की हत्या गला काट कर कर दी थी. घटना को तब अंजाम दिया गया था, जब ग्रामीण एक शादी समारोह में भाग लेने गुमला जिले के सिसई थाना के एक गांव गये हुए थे. मो हनीफ अंसारी गांव के एक मसजिद में नमाज अदा करने गये थे, जबकि उनकी पत्नी कुसूमन बीबी घर में खाना बना रही थी.  घटना में हनीफ अंसारी का पुत्र सामुल अंसारी बच गया था. वह घटना के दिन अपने ननिहाल गया हुआ था. इस संबंध में कुड़ू थाना में आरोपियों पर आइपीसी की धारा 302, 449, 386, 34, 120 का मामला दर्ज किया गया था. |