पटना  : माले विधायक रामनरेश राम को पुलिस द्वारा उग्रवादी बता कर मुकदमा दर्ज करने पर गुरुवार को माले विधायकों ने सदन में जम कर हंगामा किया. विधायकों ने बैनर-पोस्टर के  साथ वेल में आ कर नारेबाजी की. उनके  समर्थन में राजद विधायकों ने भी सदन में खूब शोर-गुल किया.  तारांकित प्रश्नों का जवाब शुरू होने से पहले ही अरुण कु मार के  नेतृत्व में माले विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. वे रामनरेश राम पर दायर मुकदमा वापस लेने और उन्हें ‘उग्रवादी’ बता कर के स दर्ज करनेवाले पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे. माले विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे.  बाद में सुरक्षा कर्मचारियों ने उनके  बैनर-पोस्टर छीन लिये. मामले को शांत करने की विधानसभाध्यक्ष की कोशिशें भी बेकार गयीं.  उपमुख्यमंत्री सुशील कु मार मोदी के  इस आश्वासन के  बाद कि इस मामले में शुक्रवार को सरकार सदन में वक्तव्य देगी,  तब मामला शांत हुआ.  उन्होंने बताया कि पुलिस को दर्ज मामले से ‘उग्रवादी’ शब्द हटाने को कहा गया है.  इस बाबत अरजी भी दाखिल की गयी है. रामनरेश राम सदन के  सम्मानित विधायक हैं, उनकी प्रतिष्ठा के  खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होगी. संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने माले सदस्यों से रामनरेश राम के  नाम पर अनावश्यक राजनीति न करने का अनुरोध भी किया. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार रामनरेश राम को ‘उग्रवादी’ नहीं मानती है. |