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झारखंड का इतिहास एक नजर में
12/24/2008 6:32:21 PM

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झारखंड का इतिहास  एक नजर में

 

1765  :  ब्रिटिश शासन के खिलाफ संताल परगना से आंदोलन शुरू.

 

1772-80  :  पहाड़िया आंदोलन.

 

1780-85  : तिलका मांझी ने आदिवासी आंदोलन का नेतृत्व किया. ब्रिटिश आर्मी चीफ घायल.

 

1785  :  तिलका मांझी को भागलपूर में फांसी दी गई.

 

1795-1800  :  तमाड़ आंदोलन.

 

1795-1800  : विष्णु मानकी के नेतृत्व में मुंडा आंदोलन.

 

1798  : बीरभूम बांकुड़ा में चौर आंदोलन.

 

1798-99  : मानभूम में भूमिज आंदोलन.

 

1800-02  : तमाड़ में दुखन मांझी के नेतृत्व में मुंडा आंदोलन.

 

1819-20  : पलामू में भूखन सिंह के नेतृत्व में मुंडा आंदोलन.

 

1832-33  :  भगीरथ, दुबई गोसाई व पटेल सिंह के नेतृत्व में खेवर आंदोलन.

 

1833-34 :  बीरभूम में गंगा नारायण के नेतृत्व में भूमिज आंदोलन.

 

1855 : लॉर्ड कार्नवालिस के परमानेंट सेटलमेंट के खिलाफ संताली मजदूरों का आंदोलन.

 

1855-60 : संतालपरगना में सिद्धो- कान्हू आंदोलन.

 

1856 : पुलिस ब्रिगेड बना.

 

 1856-57  : लाल विश्वनाथ शाहदेव, शेख भिखारी, गणपत राय व बुद्धू वीर का ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आंदोलन.

 

1874 : भगीरथ मांझी के नेतृत्व में खेरवार आंदोलन.

 

1878-99 : बिरसा मुंडा का आंदोलन.

 

1881 : खेरवार आंदोलन.

 

1895-1900 : बिरसा मुंडा का हुलगुलान.

 

1912 :  बिहार को बंगाल से अलग किया गया. छोटानागपुर का कुछ इलाका बंगाल में गया.

 

1913 : ोटानागपुर उन्नति समाज का संविधान बना.

 

 1914 : टाना भगत आंदोलन. 26 हजार से ज्यादा आदिवासी शामिल हुए.

 

1915 : आदिवासी पत्रिका का प्रकाशन शुरू.

 

 1929 : साइमन कमीशन ने अलग झारखंड की मांग की.

 

1936 : ओडिशा राज्य बना.

 

1947 : 28 दिसंबर को ऑल इंडिया झारखंड पार्टी का गठन हुआ.

 

1951 :  विधानसभा में झारखंड पार्टी मुख्य विपक्षी दल.

 

1969 : शिबू सोरेन ने बनाया सोनत संताल समाज.

 

1971 : मार्क्सवादी समन्वय समिति के एके राय ने अलग राज्य की मांग की.

 

 1973 :  एनई होरो ने झारखंड पार्टी बनाया और प्रधानमंत्री को अलग राज्य से संबंधित ज्ञापन दिया.

 

1977 : झारखंड पार्टी ने वृहत्त झारखंड की मांग की और बंगाल को भी इसमें शामिल करने को कहा.

 

1978 : झारखंड पार्टी का सम्मेलन 21 मई को हुआ.

  

1978 :  नौ जून को बिरसा जयंती मनाने का निर्णय लिया गया.

 

1980 : झारखंड क्रांति दल का गठन.

 

1986 : ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन ने पहली बार 25 सितंबर को बंद बुलाया.

 

1987 :  स्वतंत्रता दिवस का बहिष्कार. केंद्रीय गृह मंत्री ने बिहार सरकार से छोटानागपुर व संतालपरगना के सभी जिलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी.

  

1989 : आजसू की 72 घंटे की आर्थिक नाकेबंदी.

 

1994 : 6 जनवरी को झारखंड ऑटोनोमस काउंसिल (जैक) के गठन संबंधी बिल बजट सत्र में पारित.

 

1995 : जैक का गठन. संतालपरगना और छोटानागपुर के 18 जिले शामिल. शिबू सोरेन चेयरमैन बने.

 

1997 : जून में जैक इलेक्शन के लिए बिहार सरकार ने 24 करोड़ रूपये दिए.

 

1997 :  झारखंड को अलग करने की शर्त पर शिबू सोरेन ने अल्पसंख्यक सरकार को समर्थन दिया.

 

2 अगस्त 2000 : अलग झारखंड राज्य निर्माण से संबंधित बिल लोकसभा से पारित.

 

11 अगस्त 2000 : संसद ने अलग राज्य के निर्माण की अनुमति दी. राज्यसभा से भी बिल पास.

 

25 अगस्त 2000 : राष्ट्रपति केआर नारायणन ने बिहार पुनर्गठन बिल को अनुमोदित किया.

 

12 अक्टूबर 2000 : केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर 15 नवंबर से अलग राज्य गठन की स्वीकृति दी.

 

15 नंवबर 2000 : अलग राज्य का गठन हुआ. प्रभात कुमार पहले राज्यपाल व बाबूलाल मरांडी पहले मुख्यमंत्री बने.

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