रांची  जीडब्ल्यूडी के डायरेक्टर सीआर सहाय ने कहा है कि यही हाल रहा,तो भविष्य में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा. अभी से ही पानी की एक-एक बूंद बरबाद होने से बचायें.        उक्त बातें श्री सहाय ने शनिवार को अशोका होटल में बतौर मुख्य अतिथि कही. वह भूगर्भ जल निदेशालय झारखंड व झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग‘ विषयक कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे.90 प्रतिशत  पानी बरबाद होता हैभूगर्भ जल निदेशालय के डायरेक्टर एसएलएस जागेश्वर ने कहा कि भूगर्भ जल के कृत्रिम पुनर्भरण की प्रक्रिया अपनाने से ही भविष्य में पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा.  90 प्रतिशत बारिश का जल सूख जाता है. बह जाता है. उस पानी के संग्रह का समय आ गया है. अपने मकान की छतों पर गिरनेवाले वर्षा जल को रिचार्ज पीट के माध्यम से सुरक्षित कर सकते है.जिन्होंने विचार रखेकार्यशाला में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी. प्रदूषण बोर्ड के सुधीर कुमार, रेन वाटर फाउंडेशन चेन्नई के चेयरमैन केआर गोपीनाथ, झारखंड स्पेश अप्लिकेशन सेंटर के डायरेक्टर टी जाइसिलन, डिप्टी डायरेक्टर डी बनर्जी, जुस्को, टाटा मोटर्स के पदाधिकारियों सहित अन्य ने अपने विचार रखे. |