हैदराबाद  : आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट की संविधान पीठ ने राज्य में मुसलिम समुदाय के 15 समूहों को दिया जा रहा चार प्रतिशत आरक्षण रद्द कर दिया है. इस संबंध में राज्य विधानसभा की ओर से पारित कानून और उसके बाद 2007 में जारी सरकारी आदेश को गलत ठहराया. मुख्य न्यायाधीश अनिल रमेश दवे की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय पीठ ने यह अहम फैसला सुनाया. पीठ ने कहा, इस तरह का आरक्षण लागू नहीं रखा जा सकता है. मामले में अधिवा के कोंडला राव ने राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी.                  क्या है मामला  पेज नौ
 
मुसलमानों को आरक्षण : रोजगार में10% कोटा
 
कोलकाता  पश्चिम बंगाल सरकार ने अन्य पिछड़े वर्ग के कोटे से मुसलमानों के लिए रोजगार में 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है. इस वर्ग के संपन्न तबके (क्रीमी लेयर) को इससे बाहर रखा गया है. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने सोमवार को इसकी घोषणा की.  उन्होंने कहा  मुसलमानों में जो पिछड़े हैं, उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जायेगा. मुसलमानों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने से अब अन्य पिछड़े वगाब का कुल आरक्षण बढ़ कर 17 प्रतिशत हो गया है.जिन परिवारों की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये से कम होगी, वे ही आरक्षण के पात्र होंगे.
 
 
धार्मिक आधार पर नहीं, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिणक आधार पर तय किये गये हैं. बुद्धदेव भट्टाचार्य , सीएम, प बंगाल |