रांची : 34वें राष्ट्रीय खेल के सिलसिले में महालेखाकार द्वारा बेकार की आपत्तियां की जा रही हैं. राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति (एनजीओसी) के कार्यकारी अध्यक्ष आरके आनंद ने झारखंड के मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में यह बात कही हैं. अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार जब तक एनजीओसी को फ़ैसला करने का स्वतंत्र अधिकार नहीं देगी, तब तक राज्य ओलिंपिक संघ के सदस्य किसी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. आरके आनंद ने महालेखाकार द्वारा जारी किये गये पत्र (ओएडी-एम-आरएयू/83-498 दिनांक 22 जनवरी 2010) में होस्ट सिटी कांट्रेक्ट पर सवाल उठाये गये हैं. उन्होंने कहा है कि वह एनजीओसी के वर्किंग चेयरमैन की हैसियत से मंत्री का दर्जा न तो चाहते थे और न कभी मांगा. उन्होंने इस दर्जा के लिए देय सुविधाओं का उपयोग भी कभी नहीं किया. इसके बावजूद प्रधान महालेखाकार द्वारा बेकार की आपत्तियां की जा रही हैं. उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि प्रधान महालेखाकार को इस बात की जानकारी नहीं है कि राष्ट्रीय खेल भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन का है और वह खेल के आयोजन की जिम्मेदारी किसी को भी सौंप सकती है. सामान्यत: सभी राज्यों में राष्ट्रीय खेल के आयोजन की जिम्मेदारी राज्य ओलिंपिक संघ को सौंपी जाती है, न कि राज्य सरकार को. राज्य सरकार इसके लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध कराती है.33वें राष्ट्रीय खेल के आयोजन के मामले में असम के मुख्यमंत्री खुद ही स्टेट ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष थे. उन्होंने 33वें राष्ट्रीय खेल के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इसलिए 33वें और 34वें राष्ट्रीय खेल की तुलना नहीं की जा सकती. प्रधान महालेखाकार सदस्यों पर किये गये किस खर्चे की बात कर रहे हैं, यह एसोसिएशन के सदस्य समझ नहीं पा रहे हैं. किसी भी सदस्य पर बैठक में शामिल होने और आने-जाने के अलावा अन्य किसी तरह का खर्च नहीं किया गया है. होस्ट सिटी कांट्रेक्ट करने के आठ साल बाद इस तरह के सवाल उठाया जाना सही नहीं है, वह भी तब जब कांट्रेक्ट पर सरकार के विधि विभाग और गृह विभाग की सहमति है. उन्होंने कहा कि हम लोग सरकार पर यह छोड़ देना चाहते हैं कि वह राष्ट्रीय खेल कराये या न कराये. राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी झारखंड ओलिंपिक संघ को दिये जाने की वजह से इसके आयोजन की जिम्मेदारी इसके सदस्यों पर है. एनजीओसी में राज्य ओलिंपिक संघ के सदस्यों के अलावा राज्य सरकार के सदस्य भी शामिल हैं.राष्ट्रीय खेल के आयोजन की जिम्मेदारी इन सबों पर है. सरकार यह स्पष्ट करे कि वह एनजीओसी की स्वायत्तता को बरकरार रखेगी या नहीं. इन मुद्दों पर फ़ैसला होने के बाद ही झारखंड ओलिंपिक संघ के सदस्य राष्ट्रीय खेल आयोजन के मुद्दे पर होनेवाली किसी बैठक में हिस्सा लेंगे. |