| | 12 साल की लड़की , 80 साल का पति | | | |
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| | |  जेद्दा : सऊदी अरब के मानवाधिकार संगठन 12 वर्षीय एक लड़की को उसके 80 वर्षीय पति से तलाक दिलाने के लिए आगे आए हैं. इससे यहां बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगने की एक उम्मीद जगी है. मुकदमा लड़ने के लिए मानवाधिकार संगठनों द्वारा नियुक्त वकील सुल्तान बिन जहीम ने बताया कि राजधानी रियाद के निकट बुरईदा की रहने वाली इस लड़की का निकाह 85 हजार रियाल (22 हजार 670 डॉलर) में गत वर्ष उसके पिता के बूढ़े रिश्तेदार से कर दिया गया था. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि तलाक के इस मुकदमे से सऊदी अरब में शादी की एक न्यूनतम आयु तय करने में मदद मिलेगी. इससे पहले लड़की की मां ने अपनी बेटी की तरफ़ से तलाक की याचिका दायर की थी, लेकिन इस महीने दूसरी सुनवायी के बाद बिना कोई कारण बताए उसे वापस ले लिया. इसके बाद सरकारी सहायता प्राप्त संगठन ने दोबारा इस संबंध में केस दर्ज किया. वकील ने कहा कि एक मुकदमा वापस लेने के बाद भी दूसरा मुकदमा दर्ज करना वैध है और इसका लाभ समाज को होगा. यह पहली बार है जब बाल विवाह से संबंधित मुद्दे पर सरकारी मानवाधिकार संगठन ने हस्तक्षेप किया है. अब तक इन मसलों को पारिवारिक मामला कहकर इनसे बचने की कोशिश होती थी. मानवाधिकार कार्यकर्ता वजीहा अल हैदर ने कहा कि इस मुकदमे से सरकार पर बाल विवाह रोकने के कानून बनाने के लिए दबाव बनाया जा सकेगा. सऊदी अरब में अभी तक शादी की कोई न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है जिस कारण यहां बड़े पैमाने पर बाल विवाह होते हैं. पिता को जहां और जब चाहे बेटियों का निकाह करने का अधिकार होता है. |
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