नयी दिल्ली : डेसमंड अबट के दो शानदार गोलों की बदौलत खिताब के प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया ने हीरो होंडा एफ़आइएच हॉकी विश्वकप के पूल बी के अपने अंतिम लीग मैच में सोमवार को यहां पाकिस्तान को 2-1 से हराकर शान से सेमीफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया.        उधर गत सेमीफ़ाइनलिस्ट और ओलिंपिक रजत पदक विजेता स्पेन ने जुझारू खेल का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के विजयी कदमों को 2-0 की जीत के साथ थाम तो लिया, लेकिन इस जीत के बावजूद वह सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुंच सका.        गत दो बार के उपविजेता ऑस्ट्रेलिया की यह टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत है और वह 12 अंकों के साथ अपने पूल में शीर्ष पर पहुंच गया है. चार बार के चैंपियन पाकिस्तान की यह टूर्नामेंट की चौथी हार है और उसके पांच मैचों से केवल तीन अंक हैं. ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अगले लीग मैचों में भारत, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और पाकिस्तान को हराकर अंतिम चार का टिकट कटा लिया.      पाकिस्तान के खिलाफ़ कंगारू टीम की ओर से अबट ने 38वें और 68वें मिनट में गोल किया जबकि पराजित टीम की तरफ़ से एकमात्र गोल सोहैल अब्बास ने तीसरे पेनाल्टी कार्नर पर 23वें मिनट में किया. पहले हाफ़ तक पाकिस्तानी टीम 1-0 से आगे थी. इस हाफ़ में पाकिस्तान ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बैकफ़ुट पर धकेले रखा और कई शानदार मूव बनाते हुए गोल करने के कई मौके बनाये. पाकिस्तान को मैच में कुल चार पेनाल्टी कार्नर मिले, जिसमें से वह केवल एक को गोल में तब्दील कर पाया.सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका स्पेनस्पेन की टीम ने इससे पूर्व खेले गये पहले मैच में इंग्लैंड की टीम को 2-0 से हरा दिया, लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी. स्पेन के लीग मैचों में अपनी तीसरी जीत के साथ नौ अंक हो गये. स्पेन अपने ग्रुप बी में तीसरे स्थान पर रहने के कारण अब स्थान निर्धारण मैचों में पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा. दूसरी तरफ़ इंग्लैंड को लगातार चार जीत दर्ज करने के बाद अपनी यह पहली पराजय ङोलनी पड़ी. सेमीफ़ाइनल के लिए अपना स्थान पहले ही सुनिश्चित कर चुके इंग्लैंड ने इस मैच में अपनी ऊर्जा को बचाने की रणनीति अपनायी. हालांकि इसका खामियाजा उसे हार के रूप में भुगतना पड़ा. इसके बावजूद इंग्लैंड 24 वषाब के लंबे अंतराल के बाद हॉकी विश्वकप के सेमीफ़ाइनल में पहुंच गया. वह अंतिम बार 1986 के विश्वकप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचा था और खिताबी मुकाबले में हारकर उपविजेता रहा था.        यूरोपीय चैंपियन इंग्लैंड और ओलिंपिक रजत विजेता स्पेन के बीच मुकाबला खेल की ऊंचाइयों को नहीं छू सका. दोनों टीमों ने ही नीरस खेल का प्रदर्शन किया. स्पेन ने दोनों हाफ़ में एक-एक गोल करते हुए जीत हासिल की. इंग्लैंड और स्पेन दोनों को ही मैच में दो-दो पेनाल्टी कार्नर मिले. इंग्लैंड को अपने चोटिल पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मेंटेल की कमी खली और टीम दोनों ही पेनाल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल सकी. स्पेन के लिए उसके ड्रैग फ्लिक एक्सपर्ट पाऊ क्यूमादा ने 34वें मिनट में मिले पहले पेनाल्टी कार्नर पर सटीक शाट लगाते हुए गोलकीपर जेम्स पेयर को परास्त कर दिया. इंग्लैंड के खेल को देखकर आज ऐसा नहीं लग रहा था कि टीम जीत के लिए खेल रही है. उसके खिलाड़ियों ने जिस तरह पिछले चार मैचों में ताबड़तोड़ हमलों का जो नमूना पेश किया था वह आज सिरे से नदारद था. स्पेन को भी मालूम था कि उसका सेमीफ़ाइनल में पहुंचना बहुत मुश्किल है, जिसके लिए उसे काफ़ी बड़े अंतर की जीत हासिल करनी थी जो कम से कम इंग्लैंड जैसी टीम के सामने संभव नहीं थी. दूसरे हाफ़ के 63वें मिनट में एडवर्ड तुबाऊ ने डी में मिले लंबे पास को संभाला और फ़िर इंग्लिश गोलची को छकाते हुए टीम का दूसरा गोल कर डाला. स्पेन फ़िर अपने जीत के अंतर को आगे नहीं बढ़ा पाया और पिछले विश्वकप में तीसरे नंबर पर रहा स्पेन अब पांचवें से छठे स्थान के लिए खेलेगा. दूसरी तरफ़ पिछले विश्वकप और ओलिंपिक में पांचवें स्थान पर रहे इंग्लैंड को अब इंतजार रहेगा कि सेमीफ़ाइनल में उसके सामने कौन सी प्रतिद्वंद्वी टीम रहेगी. |