रांची : वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग के समक्ष चल-अचल संपत्ति का गलत ब्योरा देने से संबंधित मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री सह सांसद अर्जुन मुंडा व वर्तमान उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. जस्टिस एमवाइ इकबाल व जस्टिस आरआर प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में आयकर विभाग व राज्य निर्वाचन आयोग को जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है. विमल कच्छप द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त निर्देश दिया. जनहित याचिका में इस मामले की सीबीआइ जांच कराने का आग्रह किया गया है.        इसमें कहा गया है कि वर्ष 2005 में अर्जुन मुंडा की ओर से निर्वाचन आयोग के समक्ष शपथ पत्र दायर किया गया था. इसमें 30.30 लाख रुपये की संपत्ति, 9.57 एकड़ जमीन व तीन वाहन होने का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि इनके पास कोई घर या भवन नहीं है. कहा गया कि श्री मुंडा ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कई बार विदेश यात्राएं की है. इनकी पहली यात्रा पर सरकार के 70 लाख रुपये खर्च हुए. इसके बाद वह अपनी पत्नी व बच्चे के साथ अमेरिका गये, जिस पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए. वहीं लंदन,  स्विटजरलैंड व फ्रांस की यात्रा पर 2.74 करोड़ रुपये खर्च हुए. वादी का कहना है कि घोषणा पत्र में विदेश यात्रा पर खर्च किये गये करोड़ों रुपये की जानकारी नहीं दी गयी है.        याचिका में सुदेश महतो के बारे में भी इसी संबंध में जानकारी दी गयी है. कहा गया है कि बाबू लाल मरांडी के कार्यकाल में सुदेश महतो ने सरकारी खर्च पर स्विटजरलैंड, मलेशिया व सिंगापुर की यात्रा की. इस पर 35 लाख रुपये खर्च हुए. इसके उन्होंने दो बार और विदेश यात्राएं की, जिस पर क्रमश: 17 व 74 लाख रुपये खर्च हुए.        इनके मंत्री रहने के दौरान खेल गांव के लिए 216 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था, जिसे तीन माह में बढ़ा कर 426 करोड़ रुपये कर दिया गया. इन्होंने भी घोषणा पत्र में घर व भवन नहीं रहने का उल्लेख किया है. |