| | ब्रिटेन में एशियाई और अश्वेत युवकों से भेदभाव | | | |
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| | | लंदन : ब्रिटेन के समानता और मानवाधिकार आयोग (इएचआरसी) ने कहा है कि ब्रिटेन में किसी भी तरह के अपराध के दोषी पाये गये एशियाई और अश्वेत किशोरों के साथ न्याय विभाग का रवैया पक्षपात पूर्ण होता है. किशोरों को मिलने वाले न्याय पर एक तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद इएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अश्वेत तथा मिश्रित नस्ल के युवकों का ज्यादा उत्पीड़ित किया जाता है जिससे ऐसा लगता है कि श्वेत युवकों के मुकाबले इनके साथ पक्षपात किया जाता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि पुलिस के पास छापे मारने के अतिरिक्त शक्तियां हैं जिसका उपयोग करके वह इन छात्रों को पकड़ती है. इसी वजह से पुलिस पर नस्लवादी होने के आरोप भी लगते हैं. पुलिस का कहना है कि इस व्यवहार से सामुदायिक रिश्तों को क्षति पहुंच रही है जिससे अपराध बढ़ने की आशंका और ज्यादा बढ़ सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अदालत में पेश होने के बाद एशियाई और अश्वेत युवकों को श्वेत युवकों की अपेक्षा जमानत न मिलने की आशंका तीन गुना अधिक होती है. प्राप्त साक्ष्यों से यह साबित होता है कि कुछ संस्थायें अपनी ताकत का इस्तेमाल गलत तरीके से कर रही हैं जिससे समाज को सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की बजाए समय के लिए खतरा बढ़ रहा है. |
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