नयी दिल्लीः दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख ई श्रीधरन ने सशक्त लोकपाल के लिये अन्ना हजारे द्वारा अपनाये गये तरीकों को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार को ‘बंधक’ बना लेना किसी भी लोकतंत्र में अस्वीकार्य है.
इससे पहले हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ़ आंदोलन को समर्थन देने वाले श्रीधरन ने कहा कि लोगों के प्रतिनिधित्व के बिना विधेयकों का मसौदा नहीं बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा, मैं अन्ना हजारे के उद्येश्य का पूरा समर्थन करता हूं. मैं भी भ्रष्टाचार के खिलाफ़ हूं. लेकिन उनके द्वारा अपनाये गये तरीकों को अपनी स्वीकृति नहीं दूंगा. लोकपाल एक महत्वपूर्ण विधेयक है. उन्हें यह नहीं कहना चाहिये कि केवल उनका दृष्टिकोण ही सुना जाये.
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