धनबाद : सीएनटी एक्ट के मुद्दे पर रविवार को रघुकुल में बैठक हुई. अगले चरण के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गयी. 15 फरवरी को धनबाद में राज्य स्तरीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया.
आंदोलन को धारदार बनाने के लिए कोर कमेटी बनाने पर सहमति बनी. बिल्डर्स, फ़ुटपाथ दुकानदार, चैंबर, अधिवक्ता व बुद्धिजीवियों को कोर कमेटी में शामिल करने का निर्णय लिया गया. 14 फरवरी से पंचायत स्तर पर विरोध कार्यक्रम शुरू होगा और राज्य स्तर तक आंदोलन चलेगा. बैठक में जिले भर से भारी संख्या में लोग शामिल हुए.
अस्तित्व आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डिप्टी मेयर नीरज सिंह ने कहा कि एक्ट में संशोधन तक आंदोलन जारी रहेगा. सरकार के घटक दल के नेता एक्ट के पक्ष में हैं या विपक्ष मे, अब तक स्पष्ट नहीं है.
शनिवार को एक्ट के समर्थन में प्रदर्शन करनेवाले नेताओं पर कटाक्ष करते हुए श्री सिंह ने कहा कि पाउच व हड़िया पीकर शक्ति प्रदर्शन की बात शोभा नहीं देती. अस्तित्व आंदोलन से जुड़े लोग कोई ऐसा काम नहीं करेंगे, जिस पर लोग अंगुली उठायें. 10 की ऐतिहासिक बंदी का लोगों ने स्वेच्छा से साथ दिया.
अहिंसात्मक लड़ाई लड़ेंगे. लेकिन कोई एक लाठी मारेगा तो उसको दस लाठी मार मारेंगे. एक्ट के समर्थकों द्वारा बाहरी-भीतरी के आरोप पर उन्होंने कहा कि अस्तित्व आंदोलन से जुड़े लोगों ने कभी भी बाहरी-भीतरी का नारा नहीं दिया. अस्तित्व आंदोलन को ‘बाहरी-भीतरी ’ का नारा देकर लोग तूल देना चाहते हैं.
पूर्व मंत्री बच्चा सिंह ने संयम बरतते हुए अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन का आह्वान किया. अहिंसा के साथ लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन गिदड़ भभकी से नहीं डरेंगे. बैठक को अशोक वर्मा, जेएन सिंह, मुन्ना सिंह, मुकेश सिंह, पिंटू कुमार, मुन्ना सिन्हा, सोमारू यादव, अमरेश सिंह आदि दर्जनों वक्ताओं ने संबोधित किया.
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