जमशेदपुर: छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) पर मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के आदेश की हवा निकल चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि सिर्फ 51 जातियों की जमीनों की रजिस्ट्री ही रोकी गयी है. अन्य सभी जातियों की रजिस्ट्री को उपायुक्त के स्तर पर फ़ैसला लेने को कहा गया है. 51 की बजाय जमशेदपुर में 120 जातियों की रजिस्ट्री रोक दी गयी है.
इसे लेकर अब भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. उपायुक्त हिमानी पांडेय के स्तर पर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है. रजिस्ट्री ऑफिस में आज भी 20 लोगों की रजिस्ट्री के आवेदन यह कहते हुए लौटा दिये गये कि रजिस्ट्री पर जो रोक लगी थी, उसे अब तक हटाया नहीं गया है, जिस कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकती. रजिस्ट्रार रमाकांत तिवारी ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पायी है.
सात जातियों की ही रजिस्ट्री- रजिस्ट्री ऑफिस में सिर्फ सात जातियों की ही रजिस्ट्री हो रही है. हिंदुओं के सभी संवर्ग में राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण और कायस्थ की जमीनों की रजिस्ट्री हो रही है. वहीं सिखों का बिलकुल ही समझौता नहीं हो पा रहा है. मुसलिम समुदाय के सैयद, शेख के अलावा किसी अन्य की रजिस्ट्री पूरी तरह रुकी हुई है.
गलत कर रहे हैं रजिस्ट्रार- डीड राइटर्सडीड राइटर्स एसोसिएशन ने कहा है कि जिन जातियों पर रोक लगायी गयी है, उसको ही रोका जाना चाहिए था, लेकिन कई जातियों व उपजातियों की जमीनों की रजिस्ट्री भी रोक दी गयी है, जो काफी आपत्तिजनक बात है. इसको लेकर सरकार को भी स्पष्ट आदेश जारी करने चाहिए.
we want to know about cnt act ,because we all ready book one house in sahara sunderbun by samay construction and want to know in this area cnt act is their or not.
pl explain if yes what we have to do or no then how we make ragistry .
regards,
arbind kumar singh
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