कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्टून इंटरनेट पर लगाने के आरोप में जाधवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को आज गिरफ्तार किया गया. दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से हटाकर उनकी जगह मुकुल राय को नया रेल मंत्री बनाने के संदर्भ में यह कार्टून बनाया गया था.
रसायनशास्त्र के प्रोफेसर अंबिका महापात्र की गिरफ्तारी से आक्रोश फैल गया और माकपा एवं शैक्षणिक समुदाय ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई बिल्कुल दमनात्मक है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के न्यूनतम लोकतांत्रिक अधिकार पर स्पष्ट हमला है. बाद में अलीपुर की अदालत ने प्रोफेसर को जमानत पर रिहा कर दिया.
जाधवपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और प्रोफेसर के सहकर्मियों ने भी प्रदर्शन किए. डीसीपी (दक्षिण उपनगर डिवीजन) सुजय चंदा ने कहा कि प्रोफेसर को पूर्व जाधवपुर में रहने वाले उनके एक पडोसी के साथ गिरफ्तार किया गया. मशहूर सोशल नेटवर्किंग साइट पर सम्माननीय लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने कहा कि महापात्र पर अवमानना से संबंधित भादंसं की धाराओं और महिला के अपमान के आरोप लगाए गए. साथ ही उन पर साइबर अपराध की धाराएं भी लगाई गईं.
श्रम मंत्री पुण्रेन्दु बोस ने गिरफ्तारी को उचित ठहराया. उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक सामग्री कार्टून नहीं था बल्कि वास्तविक फोटो थे जो कुछ और नहीं बल्कि सिर्फ अपमानजनक था.
बोस ने कहा, कानून अपना काम करेगा. काटरून में दिखाया गया है कि मुख्यमंत्री और रेल मंत्री मशहूर बंगाली फिल्म सोनार केल्ला के संवाद बोल रहे हैं. जासूसी पर आधारित यह फिल्म सत्यजीत रे की थी.
माकपा नेता बृंदा करात ने कहा, गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लोकतांत्रिक अधिकार पर स्पष्ट हमला है. यह लगभग वैसा ही है जैसा आपातकाल के समय हुआ था.
करात की पार्टी के सहयोगी मोहम्मद सलीम ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है और दमनात्मक है.
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