नीतीश कुमार के बयान के बाद राज ठाकरे का यू टर्न, किया टेलीफोन
पटना : मुंबई में बिहार शताब्दी समारोह के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख नेता राज ठाकरे ने शुक्रवार को यू टर्न ले लिया.
उन्होंने मुख्यमंत्री को टेलीफोन कर कहा, आपके मुंबई आने का मेरी तरफ से कोई विरोध नहीं है और न ही मुंबई में बिहार शताब्दी समारोह के आयोजन पर मनसे को कोई आपत्ति है. इसके साथ ही इस मुद्दे पर हो रही बयानबाजी पर विराम लग गया. मुख्यमंत्री शनिवार को तय समय पर मुंबई रवाना होंगे.
15 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी मैदान में बिहार शताब्दी दिवस समारोह होगा. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य अतिथि होंगे. गुरुवार की रात यह खबर आयी थी कि मनसे नेता राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुंबई आने पर चुनौती दी है.
लेकिन, सुबह जब मुख्यमंत्री से राज ठाकरे के इस बयान के बारे में संवाददाताओं ने पूछा, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में आयोजित होनवाला यह समारोह पूरी तरह से सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम है. इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.
बिहार गठन की 100 वीं सालगिरह पर 15 अप्रैल को कार्यक्रम में शामिल होने वह मुंबई जरूर जायेंगे. ऐसे कार्यक्रम से महाराष्ट्रवासियों की भावना को चोट नहीं पहुंचेगी. महाराष्ट्र और बिहार के लोगों के बीच हमेशा ही मधुर संबंध रहे हैं. वह मुंबई जाकर महाराष्ट्र की पवित्र धरती को नमन करेंगे.
महाराष्ट्र के महान नायकों और संतों ने देश को गौरवान्वित किया है और देश के लिए बलिदान दिया है. ऐसे महान विभूतियों को नमन करेंगे. वह बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में बिहार दिवस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, न कि राजनीतिक नेता के रूप में. महाराष्ट्र में बहुत पहले से बसे हुए बिहार के गरीब लोगों ने वहां बिहार दिवस का आयोजन किया है.
यह बहुत ही सहज और स्वाभाविक कार्यक्रम है. इससे किसी भी भावना पर चोट नहीं पहुंचेगा. इस कार्यक्रम में महाराष्ट्रवासियों को भी योगदान देना चाहिए. बिहार की तरक्की पर महाराष्ट्रवासियों को खुशी होनी चाहिए.
बिहार दिवस का कार्यक्रम से महाराष्ट्र के लोगों को किसी प्रकार का एतराज नहीं होगा. महाराष्ट्र के लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर बिहार की सांस्कृति को समझ सकेंगे.
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