संजीवनी बिल्डकॉन करता था जबरन जमीन पर कब्जा

||बिल्डर को अधिकारी का था संरक्षण||
रांची: झारखंड के एक बड़े अधिकारी के बल पर संजीवनी बिल्डकॉन के बिल्डर रांची के विभिन्न क्षेत्रों में जमीन पर कब्जा करने का अवैध कारोबार करते थे. इतना ही नहीं, जब भी जमीन को लेकर किसी का बिल्डर से विवाद होता था, अधिकारी संबंधित थाना से पुलिस बल भेज कर जमीन पर संजीवनी बिल्कॉन के लिए चहारदीवारी निर्माण करवाने तक का काम किया करते थे. इसके एवज में बिल्डर से उक्त अधिकारी मोटी रकम की वसूली करते थे.

* प्राथमिकी तक दर्ज नहीं होती थी थाने से सलट जाता था मामला
* पुलिस की मदद से बिल्डर करता था चहारदीवारी का निर्माण
* मदद के एवज में अधिकारी को मिलती थी राशि

फरजी कागजात से ठगी
संजीवनी के बिल्डर फरजी कागजात दिखा कर ग्राहकों से लाखों रुपये की ठगी करते थे. इसके बाद भी बिल्डर के खिलाफ किसी थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं होती थी. एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यहां तक बताया कि वह अधिकारी संजीवनी बिल्डकॉन में पार्टनर की तरह थे. उल्लेखनीय है कि संजीवनी बिल्डकॉन विगत दो वर्षो से रांची में जमीन पर फ्लैट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा है, लेकिन बिल्डर पर कोई पुराना मामला दर्ज नहीं है. सिर्फ तीन-चार माह से ही संजीवनी के बिल्डर पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किये जा रहे हैं.

एक ही जमीन की होती है कई बार रजिस्ट्री

रांची: घर की चाह रखनेवालों को ठगने के लिए कुछ प्रोमोटर कई तरह का सराहा लेते हैं. इसमें सबसे बड़ा तरीका है जमीन रजिस्ट्री का. एक ही जमीन की रजिस्ट्री कई लोगों के नाम पर कर दी जाती है. जब तक जमीन का म्यूटेशन नहीं हो जाता है, तब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिलता है. म्यूटेशन के लिए ठग प्रमोटर सालों चक्कर कटवाते हैं. सरकारी विभाग में भी कर्मचारियों से मिलीभगत होती है. सूत्रों के अनुसार ऐसे बिल्डर एक एकड़ जमीन के एवज में 10-12 एकड़ तक जमीन का रजिस्ट्रेशन कर देते हैं. शुरू में लोगों से बुकिंग के दौरान आंशिक राशि ली जाती है. किस्तों में राशि लेने का वायदा किये जाते हैं. 

लोअर बाजार थाने में प्राथमिकी : लोअर बाजार थाना में शनिवार को संजीवनी बिल्डकॉन के अनामिका नंदी व अरविंद सिंह के खिलाफ जमीन के नाम पर 5.50 लाख रुपये धोखाधड़ी करने की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. प्राथमिकी बोकारो चास निवासी अनुपम गर्ग ने दर्ज करायी है.

छोटी जमीन पर बड़े बोर्ड
इतना ही नहीं, बिल्डर बड़ी जमीन के पास छोटी सी जमीन खरीद कर अपना बोर्ड लगा देते हैं. भारी भरकम नाम के प्रोजेक्ट के बोर्ड में तीर का निशान बड़ी जमीन की और होता है. इसमें भूमि पूजन कर इसकी मार्केटिंग करते हैं. मार्केटिंग में पूरी जमीन खुद की बतायी जाती है. लोग इसी झांसे में आकर बुकिंग करा लेते हैं. कई बार तो आदिवासी या सीएनटी एक्ट के तहत आनेवाली जमीन को भी लोग सामान्य जाति की जमीन बताते हैं. इसमें भी लोग ठगे जा रहे हैं.

ग्राहकों के रुपये वापस मिलेंगे :  श्याम
संजीवनी बिल्डकॉन के निदेशक श्याम किशोर गुप्ता ने जनता से धैर्य रखने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि बकाया राशि लौटाने के लिए वह ग्राहकों का सहयोग करेंगे. वह खुद कंपनी के जयंत दयाल नंदी व अनामिका नंदी को खोज कर रांची वापस लायेंगे और ग्राहकों के सामने प्रस्तुत करेंगे. श्री गुप्ता ने बताया कि उन्हें यह जानकारी थी कि जयंत दयाल नंदी मुंबई के हैं और वहीं उनका कारोबार है. लेकिन हाल में ही उन्हें मालूम हुआ कि वे बाहर रहते हैं. इसलिए वह जल्द ही उन्हें बाहर से खोज कर रांची लायेंगे. इस काम में उन्होंने जनता से सहयोग करने का आग्रह किया है.

केस स्टडी- 1
रिम्स के पीछे स्थित शनिचरी मुंडाइन की 7.65 एकड़ जमीन पर बिल्डर द्वारा जमीन कब्जा करने का आरोप दो वर्ष पुराना है. महिला इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. तब उसने जिला प्रशासन व सीआइडी अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया. बाद में मामले की जांच हुई और संजीवनी के निदेशक श्याम किशोर गुप्ता, आरपी वर्मा, गुल्लू मुंडा व मुन्ना मुंडा के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई.

केस स्टडी- 2
संजीवनी बिल्डकॉन ने एक बार एक वरीय अधिकारी से बूटी रोड में एक फ्लैट दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की वसूली कर ली. इस बात की शिकायत अधिकारी ने आइपीएस अधिकारी से की. तब संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी ने संजीवनी के बिल्डर पर दबाव डाल कर उनका पैसा वापस करवाया और मामले को सुलझाया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई.

This Article Posted on: April 15th, 2012

I m vaibhav from bokaro
Main sanjeevani buildcon se 1500sq.ft plot sanjeevani park mein lia tha jiska registry vaibhav ke naam se 4march 2011 ko hua tha lekin abhi tak mutation nahin mila hain sanjeevani buildcon se

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