पटना : प्यार में मिले धोखे के कारण ही वह सनकी ब्लेडमैन बन गया. वह लड़कियों से बदला लेने की नीयत से ही उन पर ब्लेड से हमला करता था. पांच दिनों की मशक्कत के बाद आखिरकार ब्लेडमैन पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया.
खाजेकलां के मोगलपुरा इलाके से जिस विद्यासागर को पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में लिया था, वही ब्लेडमैन निकला. उसके पास से पुलिस ने चार ब्लेड व लड़की का फोटो भी बरामद किया है. पुलिस ने कई पीड़ित लड़कियों से उसकी पहचान करवायी, तो दो लड़कियों ने उसे पहचान लिया.
सिटी एसपी किम ने बताया कि विद्यासागर पर ही ब्लेडमैन होने का शक है. दो लड़कियों ने उसकी पहचान भी की है. उसके पास से लड़की के मिले फोटो व चार ब्लेड बरामद होने से पुलिस को शक है कि वही ब्लेडमैन है.
उससे पुछताछ की जा रही है. उसके मोबाइल फोन के लोकेशन निकाल कर भी पुलिस सच्चई का पता लगा रही है. वह गुरु गोविंद सिंह कॉलेज में बीकॉम का छात्र है. पढ़ाई के साथ ही गुरहट्टा स्थित एक शीशा फैक्टरी में काम रहता है. उसके पिता धर्मेंद्र कुमार फेरी में भूंजा बेचते हैं.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह जिस लड़की से प्रेम करता था, उससे उसे धोखा मिला था. इसी कारण वह सनकी हो गया था. साइको केस होने के कारण ही वह अब तक कई लड़कियों पर हमले कर चुका है.
उसके परिजनों का कहना है कि शुक्रवार को विद्यासागर शीशा फैक्टरी में काम करने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया. उसका भाई रामानंद सागर जब खाजेकलां थाने अपने भाई के बारे में पता करने गया, तो उसकी भी पुलिस ने पिटाई कर दी.
- मां ने कहा, मेरा बेटा निर्दोष
पटना सिटीत्नब्लेड मैन प्रकरण में पुलिस हिरासत में लिये गये विद्यासागर के छोटे भाई रामानंद सागर को पुलिस ने पीटा और हाजत में बंद रखा. घटना के बाद पिता धर्मेद्र प्रसाद भूंजा लेकर फेरी के लिए नहीं निकल सके.
अपने बेटे को निर्दोष बता रही मां इंदू देवी पुलिसिया जुल्म को लेकर लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है. मोगलपुरा स्थित रामपति देवी के मकान में किराये पर रहनेवाले दंपती का कहना है कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे पुलिस ने चाय की दुकान से मुंह पर कपड़ा डाल कर विद्यासागर को उठा लिया था.
देर शाम परिजनों को जब सूचना मिली कि विद्यासागर आलमगंज थाने में है, तब छोटा भाई रामानंद सागर थाना गया. मां का कहना है कि पुलिसवालों ने छोटे बेटे को भी जम कर पीटा और हाजत में बंद रखा. साथ ही मोबाइल भी छीन लिया.
किसी तरह आरजू- मिन्नत कर वहां से निकला. घरवालों का कहना है कि वह गुरहट्टा स्थित अशोक कुमार के यहां शीशा पर टेप साटने का काम करता है. इसलिए साथ में ब्लेड रखता है.
हर दिन वह हरमंदिर गली में संचालित कोचिंग संस्थान में पढ़ने के लिए भी जाता है. सुबह नौ बजे घर लौट कर फिर कालेज जाता था. पुलिस के व्यवहार से गरीब परिवार मर्माहत है. परिजनों का कहना है कि पुलिस उसे जबरन ब्लेडमैन होने की बात स्वीकारने के लिए दबाव बना रही है.
* खाजेकलां के मोगलपुरा का रहनेवाला बीए का छात्र है विद्यासागर
* प्यार में मिले धोखे ने बनाया साइको केस
* शीशा फैक्टरी में टेप साटने का काम करता है, इसलिए रखता है ब्लेड
* भाई को पुलिस ने पीटा
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