भारी बस्ते के कारण बच्चे पीठ दर्द से परेशान

नई दिल्ली : पांच से 12 वर्ष उम्र वर्ग के बीच स्कूल जाने वाले अधिकतर बच्चे अपने स्कूल बैग में काफी ज्यादा भार वहन करते हैं जिससे उनमें पीठ दर्द और तनाव का खतरा ज्यादा होता है. यह जानकारी एसोचैम के एक सर्वे में दी गई है.

सर्वे में कहा गया है, ‘‘करीब 82 फीसदी बच्चे अपनी पीठ पर अपने वजन का करीब 35 फीसदी भार ढोते हैं. भारी स्कूल बैग के कारण बच्चों पीठ की समस्या बढ जाती है जो अकसर उम्र के साथ और बढती जाती है. दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूर, मुंबई और हैदराबाद सहित दस बडे शहरों में 2000 से ज्यादा बच्चों और उनके अभिभावकों पर मार्च..अप्रैल के दौरान सर्वेक्षण किया गया.

देखा गया कि 12 वर्ष के कम उम्र के करीब 1500 बच्चे ठीक तरीके से नहीं बैठ सकते और उनमें हड्डी से संबंधित समस्याएं होती हैं.

एसोचैम स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. के. राव ने कहा, ‘‘अधिक भार ढोने से पीठ की समस्या और रीढ की हड्डी में विकृति बढ रही है. अधिक भार के कारण तनाव से क्षति हो सकती है और इससे मांसपेशी..कंकाल तंत्र पर बुरा प्रभाव पड सकता है. सर्वेक्षण का उद्देश्य छात्रों पर स्कूल बैग ढोने के प्रभाव के बारे में जानना था.

अधिकतर अभिभावकों ने शिकायत की कि एक दिन में सात से आठ कक्षाएं होती हैं और हर विषय में कम से कम तीन किताबें होती हैं.

This Article Posted on: April 22nd, 2012

jab sarkar hi itni pangu hai to kya umeed ki ja saktyi hai? aisi sarkar se kya fayda jo apne desh ke bhavishya se khilwad karnewale private schoolo ke barbarta se bachcho ko bacha nahi sakti.

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