दुष्कर्म मामले की होगी फिर जांच

कोलकाता: कलकत्ता हाइकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले की फिर से जांच के आदेश दिये हैं. मुशर्रफा हुसैन नामक शख्स की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जज जयमाल्य बागची ने उक्त निर्देश दिया.

उत्तर 24 परगना के देगंगा में 31 दिसंबर 2010 को बैड़ाचापा बीनापानी बालिका विद्यालय जाते समय छात्र सलमा खातून का अपहरण कर लिया गया था. अगले दिन उसके पिता मुशर्रफ हुसैन ने इस बाबत देगंगा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने दो दिनों बाद मेहबूब अख्तर उर्फ मिलन नामक युवक के घर से सलमा का उद्धार किया. पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ बेटी के अपहरण व दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करायी. सलमा का छह माह बाद मेडिकल टेस्ट कराया गया. मुशर्रफ ने मामले की शिकायत जब आला पुलिस अधिकारियों से की, तो आरोपी मिलन की ओर से उसे धमकियां मिलने लगीं.

उधर, आरोपी मिलन ने हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच से सलमा के साथ निकाह का सर्टिफिकेट दिखाकर अग्रिम जमानत ले ली. आरोप है कि वह सर्टिफिकेट नकली था. मुशर्रफ की ओर से हाइकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जज जयमाल्य बागची ने पूरे मामले पर हैरत जाहिर करते हुए स्थानीय थाना प्रभारी व पुलिस अधीक्षक (एसपी)को मुशर्रफ व उसके परिवार को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. इसके अलावा सरकारी वकील से कहा गया है कि जिस डिवीजन बेंच ने आरोपी को अग्रिम जमानत दी थी, उसके पास जमानत को खारिज करने के लिए अपील की जाये. पुलिस को मामले की फिर से जांच करने और बारासात अदालत में मामले की सुनवाई करने को कहा गया है.

This Article Posted on: April 26th, 2012

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