रायपुर : छत्तीसगढ मे सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पाल मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार और माओवादियों के बीच हो रही बातचीत के बाद आज माओवादियों के मध्यस्थ नक्सल प्रभावित ताडमेटला के घने जंगलों में माओवादियों के पास पहुंच गए हैं. मध्यस्थ अभी तक हुई बातचीत की जानकारी माओवादियों को देंगे.
राज्य के नक्सल मामलों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने बताया कि माआवादियों की ओर से मध्यस्थ बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल आज हेलिकाप्टर से चिंतलनार पहुंचे तथा दोपहिया वाहन से ताडमेटला जाने की खबर है. रामनिवास ने बताया कि ताडमेटला नक्सल प्रभावित क्षेत्र है तथा इस इलाके में घना जंगल होने के कारण यहां दोपहिया वाहनों से ही पहुंचा जा सकता है. इससे पहले कलेक्टर मेनन के लिए दवा लेकर गए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता मनीष कुंजाम भी मोटर साइकिल से इस क्षेत्र में गए थे.
गौरतलब है कि ताडमेटला क्षेत्र में ही छह अप्रैल 2010 को माओवादियों ने अब तक के सबसे बडा नक्सली हमला किया था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 76 जवान शहीद हो गये थे. एक सवाल के जवाब में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है. पुलिस बल ने मध्यस्थों को चिंतलनार क्षेत्र तक पहुंचा दिया तथा इसके बाद वे चिंतलनार से स्थानीय मीडियाकर्मियों के दुपहिया वाहन से ताडेमटला पहुंचे हैं.
सुकमा से मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय मीडियाकर्मी दोनों मध्यस्थों को अपने साथ दोपहिया वाहन से ताडमेटला तक ले गए. जैसे ही वे ताडेमटला पहुंचे वहां लगभग 10 सशस्त्र माओवादियों ने मीडियाकर्मियों को रोक लिया और सभी की तलाशी लेने के बाद वहां से वापस जाने के लिए कह दिया. इसके बाद वे बीडी शर्मा और प्रोफेसर हरगोपाल को अपने साथ घने जंगलों के भीतर ले गए.
माओवादियों के मध्यस्थ बीडी शर्मा ने इससे पहले संवाददाताओं को बताया कि वे ताडमेटला के जंगल की ओर जा रहे हैं. वहां बातचीत करने के बाद शाम तक राजधानी रायपुर लौट सकते हैं. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कोई न कोई हल निकल सकेगा. छत्तीसगढ के सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पाल मेनन का एक सप्ताह पहले 21 अप्रैल को माओवादियों ने अपहरण कर लिया था तथा उनके दो सुरक्षा गार्डों की हत्या कर दी थी.
मेनन की रिहाई के लिए राज्य सरकार और माओवादियों की ओर से तय किए गए मध्यस्थों ने बातचीत शुरु कर दी है और लगातार दो दौर की बातचीत में अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है. इसी दौरान राज्य सरकार ने माओवादियों से समय सीमा में बढोतरी करने की मांग की थी. राज्य शासन के इस अपील के बाद माओवादियों ने संवाददाताओं को भेजे ई मेल संदेश में शासन को पहले उनकी मांगों पर अपना रवैया स्पष्ट करने के लिए कहा है. वहीं उन्होंने 17 लोगों को छोडने की मांग कर दी है.
कल हुई बातचीत के बाद राज्य सरकार के मध्यस्थों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था तथा उम्मीद जताई थी कि कलेक्टर अपहरण मामले का जल्द समाधान हो सकेगा. माओवादियों के मध्यस्थों द्वारा माओवादियों को अभी तक हुई बातचीत का ब्यौरा देने आज ताडमेटला क्षेत्र का दौरा ने राज्य सरकार को उम्मीद बंधी है.
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