भ्रष्टों की जब्त होगी संपत्ति

रांची : राज्य के भ्रष्ट अफसरों व नेताओं की संपत्ति जब्त होगी. इसके लिए राज्य सरकार अध्यादेश लागू करेगी. मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा ने झारखंड विशेष न्यायालयों के अध्यादेश 2012 को मंजूरी दे दी है. संचिका अब राज्यपाल को भेजी गयी है.

राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद सत्र न्यायाधीश/अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायिक पदाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष अदालत का गठन किया जायेगा. यह अदालत भ्रष्ट अधिकारियों व नेताओं की संपत्ति जब्त करेगी.

30 दिन में नोटिस : विशेष अदालत दोषी अधिकारियों व नेताओं को संज्ञान में लेकर 30 दिनों के भीतर उन्हें नोटिस जारी करेगी. नोटिस के जरिये उनसे पूछा जायेगा कि गलत तरीके से अर्जित उनकी संपत्ति क्यों न सरकार जब्त कर ले. इसके बाद जब्ती की कार्रवाई शुरू की जायेगी.

दूसरे के कब्जे में होने के बावजूद जब्त होगी : अधिनियम के लागू होने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों व नेताओं की वैसी संपत्ति भी जब्त की जायेंगी, जिन्हें उन्होंने किसी दूसरे को दे रखा है. हालांकि सरकार को आवेदन देने के बाद जिसके कब्जे में संपत्ति है, वह बतौर किरायेदार इसका उपयोग कर सकता है. सरकार उससे बाजार दर से किराया वसूलेगी. इस पर मालिकाना हक सरकार का ही रहेगा.

- सीएम ने दी मंजूरी
- राज्यपाल के पास भेजी गयी अध्यादेश की फाइल

- अब क्या होगा
* राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू होगा अध्यादेश
* सत्र न्यायाधीश/अपर सत्र न्यायाधीश स्तर के न्यायिक पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगा स्पेशल कोर्ट
* कोर्ट के निर्देश पर होगी जब्ती की कार्रवाई

- बिहार में लागू है नियम
पड़ोसी राज्य बिहार में भ्रष्टों की संपत्ति जब्त करने के लिए पूर्व में ही विशेष अदालत का गठन किया गया है. इसके तहत कुछ अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

- क्या है वर्तमान स्थिति
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत न्यायालयों के अनुपात में बड़ी संख्या में भ्रष्टाचार के मामले आने से इनके निष्पादन में काफी समय लगता है. इस बीच भ्रष्ट अफसर या नेता अपनी अर्जित संपत्ति को बेच देते थे या किसी अन्य माध्यम में स्थानांतरित कर देते थे. इससे कानूनी जटिलता उत्पन्न
होती है.

- पूर्व के कानून से संपत्ति जब्त करने में कठिनाई होती थी. अब इस अध्यादेश से आसानी से भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जा सकेगी. भ्रष्टाचार के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी.
अर्जुन मुंडा, मुख्यमंत्री

This Article Posted on: April 29th, 2012

It is not enough to fight against corruption only. The state must work towards development also. Few important aspects:
1. Increase farmer’s access to markets.
2. Improve agricultural productivity.
3. Reconsider distortionary subsidies and other policies.
4. Improve public education and higher education systems.
5. Promote non-farm entrepreneurship among farmers.

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