सिलीगुड़ी : चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की चिकित्सा व्यवस्था व उनके बच्चों की पढ़ाई का दायित्व टी-बोर्ड को लेना होगा. इसके अलावा श्रमिकों के सेवा निवृत होने के तीन महीने के अंदर उन्हें ग्रेज्युटी समेत अन्य सुविधाएं को उपलब्ध कराना होगा.
उक्त बातें माकपा समर्थित श्रमिक संगठन सीटू के दार्जिलिंग जिला महासचिव अजीत सरकार ने कही. वह रविवार को अनिल विश्वास भवन जिला माकपा पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि श्रमिकों की इन समस्याओं को लेकर आगामी 3 मई को नक्सलबाड़ी में सम्मेलन किया जायेगा. चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों को मिलने वाले घरों में 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चे मकान हैं.
इसे पक्का बनाया जाना चाहिए. वहां पर शुद्ध पेयजल व स्वास्थ्य व्यवस्था की भी अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से वे पढ़ नहीं पाते हैं. शुद्ध पेय जल उपलब्ध नहीं होने से तरह-तरह की बीमारी होने की आशंका बनी रहती है. चाय बागानों में स्कूल की व्यवस्था करने व वहां के हिंदीभाषी विद्यार्थियों को हिंदी में प्रश्न पत्र मिलने की मांग भी श्री सरकार ने की.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि जहां उच्च माध्यमिक विद्यालय है वहां पर सरकार हॉस्टल की व्यवस्था करे. पहाड़ पर भी सीटू की ओर से सभा कर श्रमिकों की समस्याओं से लोगों को अवगत कराया जायेगा.उन्होंने कहा कि गोरखा जनमुक्ति मोरचा (गोजमुमो) द्वारा फैलाये जा रहे अशांति की वजह से पहाड़ के चाय बागानों के श्रमिकों से मुलाकत नहीं हो पा रही है.
सीटू मई में पहाड़ पर भी सभा करेगी. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की भलाईके लिये सीटू का आंदोलन लगातार जारी रहेगा. इस मौके पर सीटू नेता दिवेश चौबे, एसपी लेप्चा, राज्य सभा के पूर्व सांसद व माकपा नेता सुमन पाठक समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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