।। राजीव कुमार ।।
प्रिंस को वापस लेकर जायेगी थाइलैंड
बोधगया : समाज के अलग-अलग रंग हैं. एक तरफ इनसान स्वार्थ में इस कदर डूबा हुआ है कि बस पूछिए मत. दूसरी तरफ एक थाइ महिला का पशु प्रेम ऐसा दिखा कि उसके किस्से लोगों की जुबां पर सर चढ कर बोल रहे हैं.
पशु के प्रति दीवानगी ऐसी कि एक थाई महिला न केवल अपने बीमार कुत्ते को देखने यहां पहुंची, बल्कि उसे यहां से स्वदेश ले जाने का भी मन बना लिया है. अभी वह जर्मन शेफर्ड कुत्ता प्रिंस के इलाज में लगी है.
कुत्ता प्रेम की यह कहानी भी बेहद दिलचस्प है. करीब चार माह पहले भारत भ्रमण पर आयी थाईलैंड की फा था निक ने जब बोधगया के वज्रबोधि सोसाइटी का भ्रमण किया, तो उसे एक जर्मन शेफर्ड कुत्ता पसंद आ गया.
वह कुत्ता उसे देखते ही उससे लिपट गया. जर्मन शेफर्ड कुत्ते के मनमोहक अंदाज ने थाई महिला को इस कदर प्रभावित किया कि उसने उसका पालन करने की जिम्मेदारी ले ली. वह उस कुत्ते को वट पक नाम नामक मोनास्ट्री में ले गयी और उसका नाम रखा प्रिंस.
इस मोनास्ट्री का संचालन फा था निक स्वयं करती है. मोनास्ट्री में प्रिंस को छोड़ वह वापस थाइलैंड लौट गयी. हालांकि मालकिन के नहीं रहने की वजह से प्रिंस भी बीमार रहने लगा और उसका स्वास्थ्य भी लगातार गिरने लगा.
यह खबर जैसे ही थाइ महिला के पास पहुंची, वह फिर से भारत आ गयी. आते ही महिला ने पहले-पहल बीमार प्रिंस को देखा और उसके इलाज में लग गयी. बकौल, फा थ निक वह शनिवार को भारत पहुंच गयी थी और फिलहाल प्रिंस के इलाज में लगी है. नौ मई को वह प्रिंस के साथ वापस थाइलैंड लौट जायेगी.
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