सिरफिरे आशिक को सजा ए मौत

रांची : आज रांची की स्थानीय अदालत ने पिछले वर्ष हुई खुशबू हत्‍याकांड में आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है.पिछले वर्ष जेवियर कॉलेज में खुशबू की हत्या गला काटकर कर दी गई थी.

एकतरफा प्यार और उसमें मिली मायूसी के बाद लड़की का सिर धड़ से अलग करने वाले विजेंद्र उर्फ गोलू को रांची की स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. पिछले साल 27 अप्रैल 2011 सेंट जेवियर्स कॉलेज में इंटर की परीक्षा देकर हॉल से बाहर निकल रही खुशबू पर हमला करके बिजेंद्र ने भुजाली से एक ही झटके में उसका सिर काट दिया था.

कोर्ट ने 26 अप्रैल को ही बिजेंद्र को धारा-302 के तहत हत्या का दोषी ठहराया था. बुधवार को सेशन कोर्ट के जज एस. एच. काजमी ने बिजेंद्र को मौत की सजा सुनाई.

इस मामले में खुशबू की नानी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, तुपुदाना निवासी लाल महेश्वर नाथ शाहदेव की 19 वर्षीय पुत्री खुशबू 27 अप्रैल 2011 को सेंट जेवियर्स कॉलेज से इंटर की परीक्षा देकर शाम सवा पांच बजे निकली ही थी कि बिजेंद्र ने गर्दन पर भुजाली से वार कर हत्या कर दी. बिजेंद्र जमशेदपुर का रहने वाला है. रांची आने से पहले खुशबू भी जमशेदपुर में रहती थी और उसी दौरान बिजेंद्र उसे चाहने लगा था. हालांकि, खुशबू ने कभी भी बिजेंद्र से प्यार का इकरार नहीं किया और यही बात वह बर्दाश्त नहीं कर पाया.:

-क्या है पूरा मामला-
घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ा है. बताया जाता है कि जानकारी मिलने के बाद खुशबू के परिजन उसे जमशेदपुर से रांची ले आये थे. इसके बाद से वह यहीं पढ़ती थी.
खुशबू तुपुदाना लालगंज निवासी लाल महेश्वर नाथ शाहदेव की पुत्री थी. हटिया स्थित रविंद्रनाथ टैगोर कॉलेज में आइकॉम की छात्रा थी. जमशेदपुर के सोनारी स्थित डीएवी स्कूल से 10 वीं तक की पढ़ाई की थी. इस दौरान वह सोनारी एयरपोर्ट के पास अपनी नानी बसंती देवी के साथ रहती थी.

-कौन था बृजेंद्र-
बृजेंद्र प्रसाद उर्फ गोलू जमशेदपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र है. पिता का नाम रघुनंदन प्रसाद है. बृजेंद्र भी सोनारी में ही खुशबू की नानी के घर के पास रहता है.

-साथ मरना चाहते थे : बृजेंद्र-
हत्यारा बृजेंद्र का कहना है कि हमलोग साथ जीना-मरना चाहते थे. पर हमें मिलने नहीं दिया जाता था. परिजनों ने खुशबू की शादी तय कर दी थी. हम साथ मरना चाहते थे. खुशबू को मारने के बाद मैं आत्महत्या करना चाहता था, लेकिन लोगों ने पकड़ लिया. अब जी कर क्या कंरू.

-सिर से धड़ अलग देख सन्न रह गये थे विद्यार्थी-
संत जेवियर्स कॉलेज में इंटर की परीक्षा देकर निकल रही छात्रा खुशबू शाहदेव की हत्या से कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गयी थी. रवींद्र नाथ टैगोर महाविद्यालय, तुपुदाना की छात्रा खुशबू परीक्षा कक्ष से बाहर ही निकली थी कि ऑफिस के सामने (सीढ़ियों के निकट घात लगाये) बृजेंद्र प्रसाद उर्फ गोलू ने खुखरी के वार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. कटा सिर धड़ से कुछ दूरी पर जा गिरा. गुरुवार को छात्रा का अंतिम पेपर था. हत्या करने के बाद हेलमेट पहने बृजेंद्र ने हथियार वहीं फेंक मुख्य बिल्डिंग से बाहर निकलने की कोशिश की, पर वहां कॉलेज के गार्ड महावीर कच्छप को देख उलटे पैर प्रिंसिपल के कमरे की ओर लौटा और सीढियों से उतर कर मैदान की ओर भागने लगा. इस बीच, लड़की की चीख और उसके गिरने की आवाज सुन कर वहां पहुंचे गार्ड ने सीटी बजाना और शोर मचाना शुरू कर दिया. आवाज सुन कर मैदान में खेल रहे हॉस्टल के लड़कों का ध्यान हत्यारे की ओर गया और उन्होंने उसे पकड़ने का प्रयास किया. इसके बाद गोलू ने उन्हें गोली मारने की धमकी देते हुए गर्ल्स पार्लर होते हुए कॉलेज गेट की ओर भागने का प्रयास किया. इसी बीच छात्रों ने उस धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया.लड़के का नाम बृजेंद्र कुमार और वह जमशेदपुर स्थित किसी इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र है. छात्रा की नानी उसे लेने के लिए हर दिन परीक्षा केंद्र आती थी. कॉलेज को सुरक्षा नहीं संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य फादर निकोलस टेटे ने बताया कि उन्हें शाम लगभग 4.55 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने हत्यारे को मैदान की ओर भागते देखा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, पर सुरक्षा नहीं दी गयी है. एक गार्ड दिया गया था, वह भी वापस ले लिया गया. परिसर में दर्दनाक व वीभत्स घटना घटी है. पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग करेंगे.

This Article Posted on: May 2nd, 2012

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