चारा घोटाले में 34 को सजा

डोरंडा कोषागार से 6.60 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में सुनवाई पूरी
रांची : चारा घोटाला के आरसी-55 ए/96 में शनिवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश डीसी राय की अदालत में 34 अभियुक्तों को सजा सुनायी गयी. सीबीआइ की ओर से विशेष लोक अभियोजक रविशंकर ने पैरवी की.

यह डोरंडा कोषागार से 6.60 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला है. इसमें सबसे अधिक छह तथा सबसे कम एक साल की सजा अदालत की ओर से सुनायी गयी. वहीं अभियुक्तों को सबसे अधिक तीन लाख रुपये और सबसे कम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. कोर्ट ने जिन दोषियों को सजा सुनायी गयी है, उनमें 12 पशुपालन अधिकारी, एक ट्रेजरी ऑफिसर सहित चार कर्मचारी तथा 18 सप्लायर शामिल हैं.

- कोर्ट कैंपस एक्टिविटी
अदालत के बरामदे में सुबह से ही भीड़
चारा घोटाला के आरसी-55ए/96 में शनिवार को बचाव पक्ष के वकील और अभियुक्तों के परिजन सुबह से ही अदालत के बरामदे पर जमा होने लगे थे. सुबह करीब 8.30 बजे सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश डीसी राय की अदालत में सभी अभियुक्त पेश हुए.

अदालत ने करीब 9.15 तक सभी अभियुक्तों को सजा सुना दी. कई अभियुक्तों को बीमार बताते हुए कम से कम सजा सुनाये जाने की मांग की गयी. सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक रविशंकर ने इसका विरोध किया.अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनायी.

* बरामदे पर बैठे थे परिजन
कई अभियुक्तों के परिजन बरामदे पर बैठ कर सजा सुनाये जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे. बुजुर्ग अभियुक्तों को उनके परिजन पंखा भी झल रहे थे. डॉ केएम के अधिवक्ता पुत्र सहित अन्य पुत्र भी वहां मौजूद थे. कई अभियुक्तों के परिजन इधर-उधर चहलकदमी करते भी देखे गये.

पीपी रूम में बैठे थे एसएसपी
सीबीआइ एसएसपी आरसी चौधरी फैसले से पूर्व ही सीबीआइ के पीपी के बैठनेवाले कमरे में बैठे थे. सभी अभियुक्तों को सजा सुनाये जाने के बाद उन्हें प्रसन्न देखा गया.इधर, विशेष लोक अभियोजक रविशंकर को उनके वकील साथियों ने अन्य ने बधाई दी.

- अब तक 1100 अभियुक्तों को हो चुकी है सजा
चारा घोटाला के आरसी-55 ए/96 में सजा सुनाये जाने के बाद 53 मामलों में से 43 मामले का निष्पादन हो गया. चारा घोटाले में अब तक करीब 11 सौ अभियुक्तों को सजा सुनायी गयी है. अब मात्र 10 मामले शेष बचे हैं, जिसकी न्यायिक प्रक्रिया चल रही है.

कितने बरी : अब तक 43 मामलों के करीब 24 आरोपी बरी किये गये हैं. सबसे अधिक आरोपी आरसी-31ए/96 में बरी हुए. इस मामले में 86 अभियुक्तों के भाग्य का फैसला होना था, जिनमें 16 आरोपी बरी किये गये थे. शेष 10 मामलों में चल रही है न्यायिक प्रक्रिया

आरसी-20ए/96, 38, 47, 64, 48, 54, 33, 34, 45 व आरसी-68 ए/96 ऐसे दस मामले हैं, जिनमें न्यायिक प्रक्रिया चल रही है.

- पांच मामलों में लालू जगन्नाथ जैसे दिग्गज
पांच मामलों आरसी-20ए/96, 38, 47, 64, व आरसी-68 ए/96 में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र, डॉ आरके राणा, विद्या सागर निषाद, धुव्र भगत, जगदीश शर्मा, भोला राम तूफानी (मृत) सहित कई दिग्गत नेता शामिल हैं. अभियोजन की गवाही चल रही है. इस मामले में लालू व जगन्नाथ मिश्र की सुनवाई 14 फरवरी को हुई थी. अन्य पांच मामलों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है.

- कांड : आरसी-55ए/96
* कोर्ट- सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश डीसी राय
* अधिवक्ता- विशेष लोक अभियोजक रवि शंकर
* कोषागार-डोरंडा
* निकासी-6.60 करोड़ रुपये
* निकासी अवधि-1980 से 1990 के बीच
* अभियुक्तों की संख्या-54
* ट्रायल फेस-34
* मरे -17
* गवाह बने-एक
* फरार-दो
* अभियोजन साक्ष्य-139
* बचाव पक्ष के गवाहों की कुल संख्या -03
* चार्ज शीट-17 फरवरी 2000 को की गयी
* चार्ज फ्रेम-10 सितंबर 2003

This Article Posted on: May 6th, 2012

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