रांची : कांग्रेस के पूर्व विधायक नियेल तिर्की ने ट्रेन रोकने के आरोप में सोमवार को रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी रमेश चंद्र की अदालत में सरेंडर कर दिया. अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. उन्हें जेल भेज दिया गया. उनके साथ शमशाद अंसारी को भी जेल भेजा गया.
पेशा कानून लागू करने को लेकर नियेल ने 2005 में सिमडेगा स्थित बानो के समीप आंदोलन के तहत रेल रोकी थी. तब रेलवे पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मामले में 10 मार्च 2010 को उनके खिलाफ कुर्की जब्ती के लिए इश्तेहार जारी किया गया था. बाद में उनके खिलाफ वारंट भी जारी की गयी थी. नियेल तिर्की ने कहा कि कुर्की वारंट की उन्हें जानकारी नहीं मिल पायी थी. गिरफ्तारी वारंट की जानकारी मिली, तो सरेंडर करने लिए अदालत पहुंचे. वह अदालत के निर्णय का सम्मान करते हैं.
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