नई दिल्ली : डीजल और गैस के दाम को सही ठहराते हुये योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि डीजल का दाम बढाना एक कठिन फैसला है. लेकिन सरकार को ऐसे कठिन फैसले लेने की जरूरत है. हमें आठ प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करने के लिए और भी बहुत से कठिन फैसलें करने की जरुरत है.
अहलूवालिया ने कहा कि डीजल के दाम बढाने के सरकार के फैसले से उन वैश्विक रेटिंग एजेंसियों की अवधारणा बदलेगी जो भारत की सरकारी रेटिंग को घटाने की चेतावनी दे चुकी थीं. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा,रेटिंग एजेंसियों की यह सोच बदलेगी कि भारत डीजल के दाम नहीं बढाएगा. रेटिंग एजेंसियों को इस पर अच्छे ढंग से विचार करना चाहिए.
इससे काफी वित्तीय संसाधन जुटाने संभव होंगे. अहलूवालिया ने कहा कि सरकार ने डीजल के दाम पांच रपये प्रति लीटर बढाकर तथा सब्सिडीशुदा रसोई गैस की आपूर्ति प्रति परिवार छह सिलेंडर तक सीमित कर सही काम किया है. भारतीय रिजर्व बैंक की प्रस्तावित मध्य तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा, हमनें सही काम किया है. अब बाकी तो भारतीय रिजर्व बैंक पर है.
भारतीय उद्योग जगत आर्थिक वृद्धि दर को तेज करने के लिए ब्याज दर में कटौती की मांग कर रहा है. एसएंडपी तथा फिच जैसी रेटिंग एजेंसियों ने बढते राजकोषीय घाटे तथा नीतिगत मोर्चे पर शिथिलता का हवाला देते हुए भारत की सरकारी रेटिंग को कम करने की चेतावनी दी थी.
इधर उद्योग मंडल सीआईआई ने भी कहा कि डीजल मूल्यवृद्धि आवश्यक थी. सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘ डीजल की कीमतें बढाने और एलपीजी (छह सिलेंडरों तक सीमित करने) पर सरकार का निर्णय आवश्यक था. सीआईआई इस तरह के निर्णय की आर्थिक मजबूरी समझता है.’’
उन्होंने कहा कि ईंधन सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के लिहाज से आवश्यक है और इसलिए सीआईआई इस साहसिक निर्णय के लिए सरकार को बधाई देता है.
-डीजल के दाम बढ़ते ही कटने लगी जेब-
नयी दिल्लीः डीजल के दाम में 5 रुपये की बढ़ोतरी का असर आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है. इधर डीजल के दाम बढ़े और उधर कुछ ही घंटों में सब्जियों के दाम से लेकर रोडवेज बसों के किराए बढ़ गए. यूपी रोडवेज ने शुक्रवार सुबह किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी. वहीं महाराष्ट्र में 1 अक्टूबर से स्कूल बसों का किराया बढ़ा दिया गया है. स्कूल बसों के किराया 30 से 50 रुपये बढ़ाया गया है. मुंबई में छोटी स्कूल बसों का किराया अभी तक 600 रुपये था. इसे बढ़ाकर 650 रुपये कर दिया गया है. वहीं बड़ी स्कूल बसों का किराया, 650 से बढ़ाकर 680 रुपये महीना किया गया है.
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई में सब्जियों के दाम में शुक्रवार सुबह 10 फीसदी की तेजी देखी गई है. उधर, ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि मालभाड़े में 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा सकती है. महाराष्ट्र स्टेट ट्रांसपोर्ट ने सरकार को मालभाड़े में 8 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है.
गौरतलब है कि गुरुवार रात से डीजल के दाम 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए थे. रसोई गैस पर कोटा सिस्टम भी लगा दिया गया है. अब साल में केवल छह सिलिंडरों पर सब्सिडी मिला करेगी.
फूटा महंगाई बम,डीजल 5 रूपये महंगा
हर वस्तुओं के दाम पर असर
डीजल में मूल्यवृद्धि के परिणामस्वरूप रांची में ग्राहकों को जहां अभी 43.18 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़ते थे, वहीं अब 48.18 रुपये चुकाने होंगे. वहीं बाजार दर पर रसोई गैस की कीमतें लगभग 750 रुपये हो जायेगी. पेट्रोलियम कंपनियां प्रति माह रसोई गैस की कीमतों का निर्धारण करेगी. इस मूल्यवृद्धि से कृषि लागत सहित सभी प्रकार के वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो जायेगा. साथ ही ट्रक और बसों के किराये में भी वृद्धि होने की आशंका है.
वित्तीय घाटा कम होगा
सरकार का कहना है कि इन फैसलों को राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है, पर इनसे पेट्रोलियम कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी. साथ ही केंद्र सरकार के वित्तीय घाटे को भी कम करने में मदद मिलेगी. बैठक के बाद जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, सीसीपीए ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के ऊंचे दाम तथा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में तेज गिरावट के कारण तेल का खुदरा कारोबार करनेवाली सरकारी कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में होनेवाली संभावित राजस्व हानि पर गौर किया और इसे ‘चिंताजनक स्थिति’ माना.
मंत्री ने दिया था संकेत
मालूम हो कि गत 11 सितंबर को ही तेल मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा था कि डीजल, रसोई गैस और केरोसिन की कीमत में बढ़ोतरी को ज्यादा टाला नहीं जा सकता है. उन्होंने वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात के बाद कहा था कि तेल उत्पादों की कीमत के संबंध में मुश्किल और तकलीफदेह फैसले लेने होंगे. कीमत में बढोतरी अपरिहार्य है.
घाटा होने का बहाना
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