नीतीश को सीएम बनाना कर्तव्य, मगर भावना है कि कोई दलित ही बने सीएम

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Feb 2015 6:18 AM

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पटना: मुख्यमंत्री बदलने को लेकर लगातार आ रही बयानबाजी और नीतीश कुमार को फिर से कमान देने पर सीएम जीतन राम मांझी ने चुप्पी तोड़ी है. कहा कि अगर कोई विधायक ऐसा सोचते हैं, तो इसमें गलत क्या है? विधायक दल की बैठक होगी. उसमें विचार होगा. 20 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र […]

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पटना: मुख्यमंत्री बदलने को लेकर लगातार आ रही बयानबाजी और नीतीश कुमार को फिर से कमान देने पर सीएम जीतन राम मांझी ने चुप्पी तोड़ी है. कहा कि अगर कोई विधायक ऐसा सोचते हैं, तो इसमें गलत क्या है? विधायक दल की बैठक होगी. उसमें विचार होगा. 20 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर 20 या 23 फरवरी को विधायकों की बैठक होनी है. उसमें बात हो सकती है. सीएम सोमवार को जनता दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.

सीएम ने कहा कि पद से हटने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं है. पार्टी में किसी के काम से कोई संतुष्ट है, तो कोई संतुष्ट नहीं है. मेरी अब कोई इच्छा नहीं है. विधायक दल की बैठक में पहले तय हुआ था कि अगली बार हम सत्ता में आये, तो नीतीश ही मुख्यमंत्री बनेंगे. इस पर हम आज भी अडिग हैं. विस चुनाव में सीएम पद के उम्मीदवार नीतीश ही होंगे.

उनके नाम का प्रस्ताव रखने की जरूरत पड़े, तो हम ही सबसे पहले रखेंगे. यह मेरा कर्तव्य है, लेकिन जहां तक भावना का सवाल है, तो हम अनुसूचित जाति के हैं, गरीब परिवार से आते हैं. उनकी अपनी भावना है. अनुसूचित जाति का सीएम ही सामाजिक न्याय और कल्याण के बारे में ज्यादा बेहतर सोच सकता है, दूसरी जाति के मुख्यमंत्री की अपेक्षा. इसलिए अनुसूचित जाति-महादलित होने के नाते हम चाहते हैं कि इस वर्ग के विकास के लिए इसी वर्ग से कोई मुख्यमंत्री बने.

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