मंदी के बाद अधिक काम कर रहे हैं कर्मचारी

नयी दिल्ली: पांच साल पहले की तुलना में कर्मचारियों को आज अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है. 67 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि 2008 की आर्थिक मंदी के बाद से उन्हें अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है. मैनपावर समूह में प्रतिभा एवं करियर प्रबंधन विशेषज्ञ राइट मैनेजमेंट द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के […]
नयी दिल्ली: पांच साल पहले की तुलना में कर्मचारियों को आज अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है. 67 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि 2008 की आर्थिक मंदी के बाद से उन्हें अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है. मैनपावर समूह में प्रतिभा एवं करियर प्रबंधन विशेषज्ञ राइट मैनेजमेंट द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार पांच में चार कर्मचारियों का कहना है कि 2008 की मंदी शुरु होने के बाद से उनके संगठन में कर्मचारियों को अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है.
सर्वेक्षण में शामिल 67 फीसद कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 2008 की तुलना में आज कार्यस्थल पर अधिक घंटे काम करना पड़ रहा है. वहीं 10 फीसद का कहना है कि इस अवधि में उनके काम के घंटे कुछ बढ़े हैं. वहीं 23 प्रतिशत ने कहा कि उनके संगठन में कर्मचारी पांच साल पहले की तुलना में अधिक घंटे काम नहीं कर रहे हैं. राइट मैनेजमेंट के ताजा सर्वेक्षण में हालांकि यह भी कहा गया है कि आज की तारीख में कर्मचारियों पर दबाव बढ़ रहा है.
राइट मैनेजमेंट ने कहा, ‘‘आज कर्मचारी भोजन के लिए यदा कदा ही अपनी मेज छोड़ते हैं. हर समय वे अपने बॉस के ईमेल का जवाब देते हैं. वे अपनी छुट्टियां भी पूरी तरह नहीं ले पाते.जब कुछ कर्मचारियों को निकाला जाता है, तो उनका काम अन्य कर्मचारियों में बांटा जाता है.’’राइट मैनेजमेंट के पूर्वोत्तर क्षेत्र के महाप्रबंधक मैट नॉरक्विस्ट ने कहा, ‘‘कई बार ऐसा होता है जबकि परियोजना की समयसीमा की वजह से अधिक घंटे काम करने की जरुरत होती है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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