मुंगेर नगर निगम में 24.29 लाख रु का कूड़ा घोटाला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2013 1:30 PM

विज्ञापन

मुंगेर : मुंगेर नगर निगम घोटालों का पर्याय बन चुका है. एक बार फिर 24.29 लाख रुपये के कूड़ा घोटाला का पर्दाफाश हुआ है और इस मामले में नगर आयुक्त एसएन झा ने निगम के कनीय अभियंता रामकुमार राय एवं सेवानिवृत्ति लेखापाल योगेंद्र प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को […]

विज्ञापन

मुंगेर : मुंगेर नगर निगम घोटालों का पर्याय बन चुका है. एक बार फिर 24.29 लाख रुपये के कूड़ा घोटाला का पर्दाफाश हुआ है और इस मामले में नगर आयुक्त एसएन झा ने निगम के कनीय अभियंता रामकुमार राय एवं सेवानिवृत्ति लेखापाल योगेंद्र प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को रिपोर्ट भेजी है.

जबकि बिहार प्रशासनिक सेवा के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी भानु प्रकाश के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गयी है. नगर निगम में बिना कार्य कराये ही कागज पर नाली की सफाई एवं कचड़े को मोटर साइकिल व स्कूटर से ढ़ुलाई कर 24 लाख 29 हजार 917 रुपये की अवैध निकासी की गयी है. इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिन वाहनों के नंबर पर कूड़ा की ढुलाई की गयी वह ट्रैक्टर के बदले मोटर साइकिल व स्कूटर के हैं.

साथ ही जांच के दौरान पाया गया कि दर्ज वाहन नंबर के मालिक कोई और है और भुगतान किसी ओर के नाम से किया गया है. नगर आयुक्त ने प्राथमिकी के लिए भेजे दस्तावेज में कहा है कि नाला सफाई के नाम पर 18 योजनाओं में राशि का गबन किया गया है. इन सभी योजनाओं का अभिकर्ता निगम के कनीय अभियंता रामकुमार राय थे और वे स्वयं ही योजनाओं की नापी भी कर लिया.

इस मामले में निगम के तत्कालीन प्रशासन के कार्यकलाप पर भी सवाल उठाया गया है. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि महापौर कुमकुम देवी ने एक अभिलेख में जांच कर भुगतान आदेश दिया था. जबकि बाकी अभिलेखों में विपत्र के अनुरूप भुगतान का आदेश दिया है. दस्तावेज में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी भानु प्रकाश ने महापौर के आदेश के पूर्व ही 5 प्रतिशत कटौती कर भुगतान का आदेश दिया था.

निगम आयुक्त ने कहा है कि इस मामले में कनीय अभियंता राम कुमार राय, सेवानिवृत्ति लेखापाल योगेंद्र प्रसाद एवं तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी के हस्ताक्षर है. किंतु भानु प्रकाश बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं. इसलिए बिना सरकार के अनुमति के उन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती. उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी जा रही है

* मोटरसाइकिल व स्कूटर पर हुई कचरे की ढुलाई
* पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी पर एफआइआर के लिए सरकार से मांगी अनुमति
* नाला सफाई के नाम पर 18 योजनाओं की राशि का गबन

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन