– यह बजट न्यू भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा
– गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिला बजट का केंद्र बिंदु
रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट राष्ट्र को समग्र विकास के पथ पर ले जाने वाला एक संतुलित बजट है. इस बजट से रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे. यह बजट न्यू इंडिया के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा. इस बजट में केंद्र सरकार द्वारा किसानों का कल्याण, कृषि एवं ग्रामीण विकास प्राथमिकता का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता है. 2019-20 के बजट में किसानों के कर्ज के पक्ष को देखते हुए बजट अपने आप में समसामयिक है. कृषि क्षेत्र में 75 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है.
इस बजट में किसानों के वर्तमान और भविष्य को संवारने का प्रयास किया गया है. यह बजट प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास को दर्शाता है. इस बजट में सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाया गया है. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री ने विकास की रणनीति को बजट के माध्यम से धरातल पर उतारने का प्रयास किया है. देश के गरीब, मजदूर, नौजवान, महिलाएं, किसान एवं ग्रामीण विकास बजट का मुख्य फोकस रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2019-20 स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का बजट है. यह बजट गांव गरीब किसान नौजवान महिला सहित सभी वर्गों के लिए संतुलित एवं समर्पित बजट है.
उन्होंने कहा कि इस बजट को सभी राजनीतिक दलों को स्वीकार करना चाहिए. पिछले 4 वर्षों में देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर विश्वास बढ़ा है. इस बजट के माध्यम से सरकार जनता के विश्वास में खरा उतरने का प्रतिबद्ध प्रयास किया है. इस बजट में जय जवान जय किसान जय विज्ञान सहित सभी वर्गों का हित को समाहित किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के नये बजट में झारखंड के किसानों को और राज्यों के अपेक्षा ज्यादा फायदा मिलेगा. झारखंड सरकार ने यहां के किसानों के लिए पहले से ही मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना राज्य में लागू की है. इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ 5000 रुपये की राशि प्रतिवर्ष उपलब्ध करायी जा रही है. इस बजट में केंद्र सरकार द्वारा देश के छोटे किसानों के हितों के लिए प्रधानमंत्री किसान योजना प्रारंभ की गयी है.
इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता राशि उपलब्ध करायी जायेगी. इस योजना का लाभ देश की 12 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा. झारखंड के किसानों को अब मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना एवं प्रधानमंत्री किसान योजना दोनों योजनाओं का लाभ मिलेगा और झारखंड के किसानों को प्रतिवर्ष कम से कम 11000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैक अकाउंट में उपलब्ध होगी.
मुख्यमंत्री दास ने कहा कि यह बजट मिडिल क्लास परिवारों के लिए भी ऐतिहासिक बजट है. इस बजट में आयकर छूट की सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है, जिससे क्रय शक्ति में वृद्धि होगी और बाजार में मांग में वृद्धि होने के कारण उत्पादन एवं उद्योगों में भी नयी स्फूर्ति मिलेगी. करों का संग्रहण सरल हुआ है तथा सुगमता से अधिक कर उगाही हुई है. जनवरी, 2019 में देश में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी संग्रहण हो सका है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. गोवंश को लेकर बजट में बड़ा एलान किया गया है. केंद्र सरकार ने इस बजट में देश में राष्ट्रीय कामधेनु योजना शुरू किये जाने की घोषणा की है. गौ माता के लिए सरकार पीछे नहीं हटेगी. पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए कर्ज में 2 फीसदी की ब्याज छूट की घोषणा की गयी है. बजट में इन योजनाओं का प्रावधान करने से ग्रामीण भारत और मजबूत होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर प्लान को भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड से लॉन्च किया. इस योजना के तहत अब तक 10 लाख बीमार लोगों का इलाज किया जा चुका है. लाखों गरीब, मिडिल क्लास को भी इसका लाभ मिल रहा है. प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में दवाइयां बहुत कम कीमतों पर उपलब्ध करायी गयी हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट 2019-20 में मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ राशि का प्रावधान किया गया है. प्रधानमंत्री सड़क योजना को और तीव्र गति से चलाने के लिए 19 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. हाईवे निर्माण में भारत सबसे तेज, हर दिन 27 किलोमीटर हाईवे का निर्माण कार्य किया जा रहा है. सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाने का काम लगभग पूर्ण होने के कगार पर है. मार्च 2019 तक सभी घरों में बिजली कनेक्शन पहुंचा दी जायेगी. 143 करोड एलईडी बल्ब बांटे गये इससे सलाना 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 साल में देश में एक लाख डिजिटल विलेज बनाये जायेंगे. इसकी रूपरेखा तैयार की गयी है. देश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आठ करोड़ गैस कनेक्शन बांटने का लक्ष्य रखा गया है, पिछले 4 वर्षों में 6 करोड़ परिवारों को धुएं से मुक्ति मिल चुकी है अर्थात गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा चुका है. जिसमें झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां सिलेंडर के साथ साथ गैस चूल्हा और पहली रिफिलिंग निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने पहली बार आयकर रिटर्न भरा. सरकार ने लोगों पर आज घोषित करने का दबाव बढ़ाया है. 1 लाख 30 हजार करोड़ अब टैक्स के दायरे में आये हैं. सरकार का राजस्व बढ़ा है और इसमें जीएसटी का हाथ रहा है. उन्होंने कहा कि ग्रेच्यूटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गयी है.