पटना : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गया में हुई आदित्य सचदेवा हत्या कांड की तुलना पठानकोट में आतंकी हमले से करने के अपने बयान पर आज स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने पठानकोट की घटना की तुलना गया जिला में हुई हत्या से नहीं की थी. गौरतलब है कि विपक्ष द्वारा बिहार में जंगल-राज आने की टिप्पणी किये जाने के जवाब में तेजस्वी ने उपरोक्त बात कही थी.
लालू ने किया बचाव
तेजस्वी यादव के पठानकोट की घटना की तुलना गया जिला में हुई हत्या से न किये जाने का समर्थन करते हुए राजद प्रमुख और उनके पिता लालू प्रसाद ने आज कहा कि भाजपा द्वारा इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है. तेजस्वी ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वे पठानकोट और गया जिला में हुई घटना के अंतर को समझते हैं.
तेजस्वी ने यह कहा था
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में रोडरेज, मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले को लेकर एक के बाद एक हत्या तथा झारखंड में हुई हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा था कि जब बिहार में कोई घटना होती है तो उसे ‘जंगलराज’ की संज्ञा क्यों दी जाती है. उन्होंने कहा कि गया जिला में एक युवक की हत्या की हमने कड़े शब्दों में निंदा की है और इस मामले में हमारी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है.
तेजस्वी की सराहना
तेजस्वी का समर्थन करते हुए उनके पिता लालू प्रसाद ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री ने कोई गलत बात नहीं कही. लालू ने कहा कि उन्होंने :उपमुख्यमंत्री: जोरदार ढंग से अपने विचार रखे :गया की घटना और उसके बारे में भाजपा के दुष्प्रचार:. भाजपा उनके कथन को गलत ढंग से पेश कर रही है. उन्होंने गया की घटना को दर्दनाक बताते हुए इसको लेकर प्रदेश की महागठबंधन सरकार द्वारा की गयी त्वरित कार्रवाई के लिए तेजस्वी की पीठ थपथपायी.