अंदर पुलिस अधिकारी मैनेजर के चेंबर में घटना के संबंध में जांच कर रहे थे और बाहर पुलिसकर्मी इधर-उधर खड़े थे. कुछ अन्य लोग भी थे. इन सबसे अपना ध्यान हटाते हुए वह कंप्यूटर पर फीडिंग कर रही थी. जब घटना के बारे में पूछा गया, तो जैसे सारी बातें एक झटके में याद आ गयीं. बोलीं, सबके हाथ में पिस्टल था. पिस्टल दिखाते हुए धमकाया और फर्श पर बैठा दिया. मोबाइल भी सबका छीन लिए थे. बैंक में तैनात चपरासी मनोज कुमार लोगों को पानी पिला रहा था.
जब उससे घटना के बारे में बात किए, तो वह भी सहम गया. बोला, उस समय सभी स्टाफ के अलावा 7-8 ग्राहक भी थे. बदमाशों ने सबको पिस्टल सटाकर बंधक बना लिया. बताया कि उस समय वह बगल की गैलरी में कुछ कागजों की फोटो कॉपी कर रहा था, तभी एक बदमाश पहुंचा और पिस्टल दिखाते हुए जमीन पर लाकर बैठा दिया. बैंककर्मी सौरभ कुमार घटना के समय मौजूद नहीं थे, लेकिन चेहरे पर डर साफ दिख रहा था. बताया कि कुछ देर पहले ही किसी काम से ब्रांच से बाहर निकले थे. जब वापस लौटे तो ब्रांच में सन्नाटा का माहौल था, जबकि सब लोग मौजूद थे. फिर घटना की जानकारी हुई.