राजधानी पटना के लोगों को शीघ्र ही एक नई सौगात मिलने वाली है. वैसे तो प्रदेश की करीब 200 किमी लंबाई में करीब आधा दर्जन एनएच पर अगले साल से वाहन दौड़ने लगेंगे. लेकिन इसमें राजधानी पटना के लोगों के लिए जो सबसे बड़ी सौगात होगी वह पटना रिंग रोड का है. इसके बनने से पटना में एक जगह से दूसरे जगह जाने वाले लोगों को जाम के झाम से मुक्ति मिलेगी. बहरहाल सिमरिया-औंटा फोरलेन हाइवे, बेगूसराय शहर में एलिवेटेड सड़क, फोरलेन रजौली-बख्तियारपुर पैकेज तीन हाइवे के साथ साथ इसके अलवा कन्हौली-रामनगर, फोरलेन बख्तियारपुर-मोकामा, दो लेन और फोरलेन छपरा-हाजीपुर एनएच भी 2024 जून से दिसंबर तक बनकर तैयार हो जायेगा. इसपर भी गाड़ियां दौड़ने लगेगी.
सूत्रों के अनुसार एनएच-31 पर करीब 8.15 किमी लंबाई में सिमरिया-औंटा फोरलेन हाइवे करीब 1161 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है. इसका निर्माण पूरा करने की समय सीमा 29 अक्टूबर 2024 है. इसमें सिक्सलेन का गंगापुल भी शामिल है. इसके बन जाने से उत्तर और दक्षिण बिहार की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी. वहीं बेगूसराय शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए करीब 255.99 करोड़ की लागत से करीब 4.2 किमी लंबाई में एनएच-31 पर फोरलेन एलिवेटेड सड़क बनने की समयसीमा 23 दिसंबर 2024 है.
इसके अलावा एनएच-30 पर फोरलेन रजौली-बख्तियारपुर पैकेज तीन हाइवे का निर्माण करीब 50.89 किमी लंबाई में करीब 2310 करोड़ रुपये की लागत से पूरा करने की समयसीमा 27 जून 2024 है. इसके बनने से दक्षिण बिहार के इलाके में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी. वहीं एनएच-131जी के पहले पैकेज पटना रिंग रोड का हिस्सा सिक्सलेन कन्हौली-रामनगर का निर्माण करीब 39 किमी लंबाई में करीब 797 करोड़ की लागत से 31 जनवरी 2024 तक पूरा होने की संभावना है. इसके बनने से पटना शहर को जाम से मुक्ति मिलने लगेगी.
सड़कों को बेहतर करने की याेजना में शामिल एनएच-31 फोरलेन बख्तियारपुर-मोकामा का निर्माण करीब 44.60 किमी लंबाई में करीब 878.94 करोड़ रुपये की लागत से 30 जून 2024 तक पूरा करने की समय सीमा है. इस सड़क के बनने से पटना और दक्षिण बिहार से उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी. वहीं एनएच-19 दो लेन और फोरलेन छपरा-हाजीपुर सड़क का निर्माण करीब 66.74 किमी लंबाई में करीब 575 करोड़ रुपये की लागत से 30 जून 2024 तक पूरा होने की संभावना है. इसका निर्माण वर्ष 2009 में ही शुरू हुआ था. इसका निर्माण करीब 10-11 साल की देरी से पूरा होने की मुख्य वजह जमीन अधिग्रहण की समस्या बताई जाती है.