नाथनगर के महाशयड्योढी- श्रीरामपुर पुल घाट के पास नौ दिवसीय श्रीश्री 1008 महाविष्णु यज्ञ शुरू हो गया. इसे लेकर शुक्रवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी. शोभायात्रा में 3100 महिलाएं, युवतियां शामिल हुई. श्रीरामपुर पुल घाट वार्ड संख्या एक स्थित यज्ञ शाला से शोभायात्रा निकली जो लालुचक, बुद्धूचक, एमटीएन रोड होते हुए श्रीरामपुर रसीदपुर बैरिया, बंडाल गंगा नदी घाट पर पहुंची. वहां जल भरकर पुन: यज्ञ स्थली पर पहुंची. गंगा पूजन और ध्वजारोहण पंडित अभिषेक झा द्वारा मंत्रोचारण के साथ किया गया.
रास्तेभर जय श्रीराम का नारा लगाते रहे श्रद्धालु
शोभायात्रा के साथ दर्जनों घोड़ा, डीजे, भांगड़ा पार्टी के धुन पर लोग थिरकते हुए जय श्री राम का नारा लगाते हुए चल रहे थे. समाज के सहयोगियों के तरफ से रास्ते भर हर जगह पानी और सर्बत की भी व्यवस्था की गई थी.आयोजन समिति के सदस्य पंचायत के सरपंच आशुतोष कुमार ने बताया कि यज्ञ शाला सजधज कर तैयार हो गया है. 151 देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गयी है. बृंदावन से प्रवचनकर्ता अपनी पूरी टीम के साथ पहुंची है. इसमें दिनेश मंडल, गरीब नारायण यादव, देवाशीष बनर्जी, प्रमोद राय, प्रमोद मंडल, लक्ष्मीकांत यादव सहित अन्य लोग सहयोग कर रहे हैं.
परम सत्य केवल भगवान हैं : अर्चना सिंह
क्षेत्र के रजंदीपुर पंचायत के बाबूपुर में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचिका अर्चना सिंह ने भागवत कथा में बताया कि हमें सत्य स्वरूप भगवान श्री कृष्ण का प्रतिदिन ध्यान करना चाहिए, परम सत्य केवल भगवान हैं और हमें उन सत्य स्वरूप भगवान का सदैव चिंतन मनन करना चाहिए. हमें सुख और दुख में समान भाव से रहकर अपने इष्ट देव की आराधना करनी चाहिए. कथा का श्रवण कर भक्तों के हृदय में भगवान के प्रति प्रेम जागृत होती है इसलिए सदैव हमें भगवान के लीला चरित्र का श्रवण करना चाहिए.बाबूपुर के बजरंगी यादव और उनकी पत्नी खुशबू देवी मुख्य यजमान हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है