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सेहत और पर्यावरण की साथी है साइकिल

सेहत और पर्यावरण की साथी है साइकिल

रंजीत कुमार, बोकारो : बोकारो के लोग आज भी साइकिल पसंद करते हैं, क्योंकि यह सेहत की साथी है. यहां हर दिन लगभग एक सौ साइकिलों की बिक्री होती है. बोकारो में 12 बड़ी और लगभग इतनी ही छोटी साइकिल दुकानें हैं. साइकिल खरीदने वालों में आम से खास लोग शामिल हैं. मजदूर वर्ग को सामान्य साइकिल चाहिए, जबकि सभ्रांत लोगों की पसंद स्टाइलिस्ट साइकिल है. बच्चों में गियर वाली साइकिल का क्रेज है. साइकिलिंग व्यायाम का एक हिस्सा भी है. इसलिए खास लोग सुबह-सुबह साइकिल चलाना पसंद करते हैं. हर सुबह बोकारो की सड़कों पर बच्चे, युवा, बुजुर्ग हेलमेट, हैंड ग्लब्स, जूता पहन कर साइकिल चलाते मिल जायेंगे. सेक्टर छह के हर्ष का कहना है कि साइकिल चलाना अच्छा लगता है. प्रत्येक दिन सुबह एक घंटे साइकिल चलाते है. सेक्टर छह के ही रहने वाले शिक्षक गौतम कुमार सिंह भी नियमित साइकिल चलाते हैं. वह बीमारी को दूर रखने का सबसे उत्तम माध्यम मानते है. रोजाना लगभग 20 से 25 किमी साइकिल चलाने वाले ग्रुप के सदस्य डॉ मनोज श्रीवास्तव, डॉ शहनवाज अनवर, राजेश कुमार, गुप्तेश्वर सिंह आदि हैं. इनका कहना है कि साइकिल चलाना सेहत के लिए लाभदायक है. पर्यावरण भी सुरक्षित रखती है. साइकिल चलाने से सेहत के लिए कई फायदे हैं. 30 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति दिन भर में लगभग 2000 कैलोरी ग्रहण करता है. साइकिल चलाने सहित दूसरी शारीरिक गतिविधियों से 900 कैलोरी खर्च किया जा सकता है. रोज एक घंटे साइकिल चलाने से लगभग 300 कैलोरी बर्न होता है. डॉ अरविंद कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल चार हजार से 35 हजार तक के साइकिल उपलब्ध है. अधिकांश लोग पांच हजार की साइकिल डिमांड करते हैं. आर्थिक परेशानी के कारण लोग साइकिल कम खरीद रहे हैं. रोजाना 150 से 160 लोग साइकिल के बार में पूछते है. कई लोग साइकिल खरीदने से पहले मोटापा व पैर दर्द की समस्या आदि की शिकायत बताते हैं. उसी के अनुसार साइकिल देने की डिमांड करते हैं. साइकिल खरीदने के पीछे स्वास्थ्य बेहतर बनाने का राज छिपा है. उदय कुमार, बिहार साइकिल, चास साइकिल चलाने के फायदे – हृदय का स्वस्थ बेहतर बना रहता है – शरीर का वजन नियंत्रण में रहता है – टाइप टू मधुमेह का जोखिम कम होता है – मांसपेशियों मजबूत हाेती है – कैंसर का जोखिम कम किया जा सकता है – गठिया की रोकथाम में सबसे अधिक मददगार – तनाव भी कम किया जा सकता है – हड्डियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है तीन जून 2018 में शुरू हुआ विश्व साइकिल दिवस तीन जून 2018 को विश्व में पहली बार विश्व साइकिल दिवस मनाया गया. तब से प्रतिवर्ष साइकिल दिवस मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने परिवहन के सामान्य, सस्ते, विश्वसनीय, स्वच्छ व पर्यावरण अनुकूल साधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए विश्व साइकिल दिवस मनाने की घोषणा की थी. कई दशक तक भारत में साइकिल यातायात व्यवस्था की अनिवार्य हिस्सा बनी रही. खासतौर पर 1960 से लेकर 1990 तक भारत में ज्यादातर परिवारों के पास साइकिल थी.

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