Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट (Hemant Soren Tweet) करके भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोला है. हालांकि, उन्होंने भाजपा का नाम नहीं लिया है. हेमंत सोरेन ने लिखा है- संवैधानिक संस्थानों को तो खरीद लोगे, जनसमर्थन कैसे खरीद पाओगे? झारखंड के हजारों मेहनती पुलिसकर्मियों का यह स्नेह और यहां की जनता का समर्थन ही मेरी ताकत है. हैं तैयार हम! जय झारखंड!
झारखंड में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला
दरअसल, ऑफिस ऑफ प्रॉफिट (Office of Profit) मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश के मुखिया हेमंत सोरेन (Hemant Soren JMM) से संबंधित निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट पर कई तरह की खबरें गुरुवार को मीडिया में चलती रहीं. इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स ने तो यहां तक खबर चला दी कि हेमंत सोरेन को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में दोषी पाया गया है और निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है.
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झारखंड में बढ़ गयी राजनीतिक गहमागहमी
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस तरह की रिपोर्ट का खंडन किया गया. झारखंड के सीएम ने कहा कि इस संबंध में अब तक कोई भी रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है. निर्वाचन आयोग या राज्यपाल की ओर से उन्हें इस आशय की कोई जानकारी नहीं दी गयी है. मीडिया में हेमंत सोरेन से जुड़ी खबर चलने के बाद झारखंड में राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गयी.
संवैधानिक संस्थानों को तो खरीद लोगे, जनसमर्थन कैसे खरीद पाओगे?
झारखण्ड के हमारे हजारों मेहनती पुलिसकर्मियों का यह स्नेह और यहाँ की जनता का समर्थन ही मेरी ताकत है।
हैं तैयार हम!
जय झारखण्ड! pic.twitter.com/0hSrmhLAsI— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 25, 2022
सीएम आवास पर जुटने लगे मंत्री, विधायक
मुख्यमंत्री आवास पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता, विधायक और प्रदेश के मंत्री जुटने लगे. कांग्रेस नेता आलमगीर आलम भी सीएमओ पहुंचे. बाद में उन्होंने कांग्रेस विधायकों की बैठक बुला ली. खबर यह भी चल गयी कि झामुमो ने आगे की रणनीति तय करने के लिए अपने सभी विधायकों को रांची बुला लिया है. हालांकि, झामुमो के मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसका खंडन किया. कहा कि झामुमो के विधायक अपने क्षेत्र में रहना ज्यादा पसंद करते हैं. जनता सेवा करना पसंद करते हैं.
सीएम आवास के बाहर बजे ढोल-नगाड़े
इस बीच, पुलिस मेंस एसोसिएशन के सदस्य जश्न मनाते हुए सीएम आवास पहुंचे. मुख्यमंत्री आवास के सामने ढोल-नगाड़े की गूंज सुनाई देने लगी. नगाड़े की थाप पर पुलिसकर्मी थिरक रहे थे. पुलिस मेंस एसोसिएशन के सदस्यों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया. ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, हेमंत सोरेन का नाम रहेगा’ के नारे लगे.
पुलिसकर्मियों को हेमंत सोरेन सरकार ने दी बड़ी सौगात
बता दें कि बुधवार (24 अगस्त) को कैबिनेट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने पुलिसकर्मियों को 13 महीने का वेतन और 20 दिन का सीपीएल देने का फैसला लिया. बाद में मुख्यमंत्री बाहर आये और पुलिसकर्मियों ने उन्हें लड्डू खिलाया. गुलदस्ता देकर पुलिसकर्मियों ने सीएम का सम्मान किया. सीएम ने कहा कि पुलिसकर्मियों को उनका हक मिला है.
पुलिसकर्मियों को उनका हक मिला
मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने पूछा कि क्या आप अग्निपरीक्षा के लिए तैयार हैं, तो सीएम ने कहा कि आग से तो हम हमेशा खेलते रहे. पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि वह जब से मुख्यमंत्री बने हैं, तब से सिर्फ झारखंड की ही चिंता की है. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को जो मिला, वह उनका हक था.