Bareilly News: हजरत सय्यद वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब का 205वां उर्स गुरुवार को कुल शरीफ के साथ खत्म हो गया. कुल में मुल्क के अमन-चैन और तरक्की को दुआ की गई.
बरेली के सिविल लाइन्स स्थित दरगाह पर सुबह फज्र नमाज के बाद कुरान ख्वानी की गई. कुरान की तिलावत के बाद उलमा ने दीन पर रोशनी डाली. इसके बाद 11 बजकर 40 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म शुरू की गई. शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने तकरीर कर पहलवान साहब की जिंदगी पर रोशनी डाली.
इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने बताया कि अपने वक्त के बहुत मुक्तकी और परहेजगार थे. मुसलमानों से बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि, बिना शिक्षा के कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता.
इसके साथ ही मुफ्ती फुरकान रजा नूरी ने मुसलमानों से इंसानियत की राह पर चलने की बात कही. उन्होंने कहा कि गरीबों की मदद करें. इसके अलावा गरीब बच्चियों की शादी कराएं. कुरान और हदीस के मुताबिक जिंदगी गुजारने की नसीहत दी. इससे किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी. उर्स में प्रमुख उलमाओं ने तकरीर कर नमाज का पाबंद होने की बात कही.
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इसके अलावा दरगाह की संपत्ति पर निगाह डालने वालों को सामाजिक रुसवा होने की बात कही. डॉ. नफ़ीस खां की सदारत में उर्स की रस्म पूरी की गई. इस मौके पर इमरान खां, मुहम्मद शफी, शहजाद पठान, रिजवान हुसैन अंसारी, नदीम खां, अफजाल खां, शारिक बरकाती आदि ने व्यवस्थाओं को संभाला.
(इनपुट:- मो. साजिद, बरेली)