बसिया/सिसई : विधायक जी, आपके विधानसभा क्षेत्र में विकास का काम नहीं हो रहा है. जनता जिस मकसद से आपको चुनी. विधायक बनने के बाद आप जनता को भूल गये. यह हकीकत, बसिया व सिसई प्रखंड की लाइफ लाइन सड़क बयां करती है. 37 किमी सड़क नौ साल में भी नहीं बन सकी. जबकि चुनाव के समय जिग्गा सुसारन होरो ने कहा था कि चुनाव जीतते ही एक साल में सड़क बनवा दूंगा. परंतु चुनाव जीतते ही विधायक जी, सड़क बनवाना भूल गये.
बसिया व सिसई प्रखंड की लाइफ लाइन सड़क अब तक अधूरी है. नौ साल में काम अभी भी कदमताल कर रहा है. सड़क के अलावा 12 हाई लेबल पुल व छह कलवर्ट बनाना था. परंतु पुल व कलवर्ट का काम अधूरा है. सिसई व बसिया प्रखंड सिसई विधानसभा क्षेत्र में आता है. इस सड़क से करीब 50 हजार आबादी प्रभावित है. लेकिन प्रशासनिक अदूरदर्शिता, स्थानीय नेताओं द्वारा रुचि नहीं लेने व संवेदक की लापरवाही से सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ. इस सड़क के नहीं बनने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है.
वर्तमान में झटंगी टोली, पारस नदी पुल, नगर गुना टोली, ढोढहा पुल, नगर बारडिपा पुल, ठेठईटांगर ढोढहा पुल, पाकरटोली नदी पुल, नारेकेला जंगल के दोनों तरफ का पुल, बानगुटू नदी का पुल और बसिया कॉलेज के समीप चुटिया नाला पुल अर्धनिर्मित है. निर्माणाधीन पुल के दोनों छोर में रोड खराब है. जितना काम हुआ है. वहां भी जगह-जगह सड़क पर दरारें पड़ गयी है. सड़क उखड़ रही हैं. यह सड़क बसिया से रांची, खूंटी, सिमडेगा और राउरकेला को जोड़ती है. साथ ही 40 से ऊपर के गांव प्रभावित है. सिसई की ओर गुमला, रांची और लोहरदगा को जोड़ती है. यहां 50 गांव के लोग प्रभावित हैं.
Posted By : Sameer Oraon