रांची : सीबीएसइ की दसवीं की परीक्षा में इस बार झारखंड की बेटियों का जलवा रहा. पहली बार झारखंड में आदिवासी लड़की ने टॉपर में अपनी जगह बनायी है. इस वर्ष झारखंड में 89.88 प्रतिशत छात्र और 91.88 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं. झारखंड में कुल 63,784 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें 57,817 सफल घोषित किये गये हैं. कुल 63,784 में 39,488 छात्र व 24,296 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए. इनमें 35,493 छात्र और 22,324 छात्राएं सफल हुईं.
सीबीएसइ 10वीं में इस वर्ष झारखंड में सफल विद्यार्थियों का रिजल्ट 90.64 प्रतिशत रहा. इसमें 99 प्रतिशत अंकों के साथ 7 विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से स्टेट में टॉप किया है. स्टेट टॉपर्स की लिस्ट में डीएवी हेहल रांची की छात्रा लीजा उरांव, जेवीएम श्यामली रांची की छात्रा हर्षा प्रियम, डीपीएस बोकारो के छात्र हर्ष राय, एसबीएम बोकारो की छात्रा श्रद्धा श्रेया, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ देवघर के छात्र प्रभात रंजन, राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद के कृष्णांशु चौधरी और डीएवी पब्लिक स्कूल कोयलानगर धनबाद के साईं कृष्णा शामिल हैं.
डीएवी हेहल की लीजा उरांव पहली आदिवासी बेटी है, जिसने झारखंड राज्य बनने के बाद स्टेट में टॉप किया है. लीजा को 99% अंक मिले हैं. लीजा के पिता दशरथ उरांव सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं. फिलहाल ये लोग सपरिवार रांची के कटहल मोड़ में रहते हैं. लीजा कहती है कि उसका लक्ष्य यूपीएससी में सफल होना है.
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झारखंड में टॉप करने वाली लीजा कहती है कि उसकी मेहनत सफल हो गयी. माता-पिता से लेकर टीचर्स और दोस्तों ने बहुत साथ दिया. सबका योगदान है. वह कहती है कि साइंस से 12वीं की पढ़ाई करेगी, लेकिन स्कूल नहीं बदलेगी. डीएवी में ही पढ़ेगी. उसका कहना है कि वह लगातार मेहनत से तैयारी करती रही है. आगे भी करेगी.
यदि विद्यार्थी अपने प्राप्तांक से संतुष्ट नहीं हैं, तो सीबीएसइ ने उनके लिए विकल्प तैयार किया है. विद्यार्थी 17 से 21 जुलाई, 2020 तक सीबीएसइ की ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों को प्रति विषय 500 रुपये शुल्क जमा करना होगा. इसी प्रकार विद्यार्थी स्क्रूटनी भी करा सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की प्रक्रिया छह अगस्त 2020 से शुरू होगी, जो यह सात अगस्त शाम पांच बजे तक खुला रहेगा.
विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति (फोटोकॉपी) भी प्राप्त कर सकते हैं. छाया प्रति के लिए आवेदन एक और दो अगस्त, 2020 को शाम पांच बजे तक जमा किया जा सकेगा. प्रति आंसर शीट के लिए 700 रुपये शुल्क जमा करना होगा. जो विद्यार्थी मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करेंगे, सिर्फ वही उस विषय के आंसर शीट की छाया प्रति के लिए आवेदन कर सकते हैं.
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इसके लिए cbse.nic.in पर जाकर आवेदन भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवेदन शुल्क क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से भरना होगा. ऑफलाइन आवेदन या शुल्क स्वीकार नहीं किये जायेंगे. सीबीएसइ ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्युएशन या मार्क्स वेरिफिकेशन के दौरान विद्यार्थी के अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं. इसके बाद जो भी रिजल्ट आयेगा, विद्यार्थी को उसी नये अंक को स्वीकार करना होगा. अंकों में बदलाव होने पर पुराने मार्क्सशीट सरेंडर करने होंगे.
सीबीएसइ ने बुधवार (15 जुलाई, 2020) को 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया. देश भर के कुल 16 जोन में 99.28 प्रतिशत रिजल्ट के साथ त्रिवेंद्रम पहले व 79.12 प्रतिशत रिजल्ट के साथ गुवाहाटी अंतिम पायदान पर है. 90.69 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पटना जोन (झारखंड शामिल) 10वें स्थान पर है. वर्ष 2019 में पटना जोन 91.86 प्रतिशत रिजल्ट के साथ सातवें स्थान पर था. यानी इस बार जोन वाइज रैंक में पटना जोन तीन रैंक पीछे खिसक गया.
Posted By : Mithilesh Jha