कोलकाता : राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कोई व्यक्ति हमेशा किसी दूसरे व्यक्ति की बातों से सहमत ही हो और ऐसा होने से दोनों एक-दूसरे के दुश्मन नहीं बन जाते हैं. राज्यपाल का यह बयान मुर्शिदाबाद में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद दिये गये उनके बयान के तीन बाद आया है.
उन्होंने कहा था कि मुर्शिदाबाद की घटना राज्य में ‘चिंताजनक’ कानून-व्यवस्था को दिखाती है. उनका यह बयान सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को रास नहीं आया था. धनखड़ ने हावड़ा में में कहा : यह जरूरी नहीं है कि मुझे आपके हर विचार से सहमत ही होना पड़े और ऐसा होना मुझे आपका विरोधी और दुश्मन नहीं बनाता है.’
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए हुए कहा कि दो लोगों को एक-दूसरे से असहमत होने का अधिकार है. मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में एक प्राथमिक शिक्षक, उनकी पत्नी और उनके आठ वर्षीय बेटे की हत्या अज्ञात लोगों ने उनके घर के भीतर मंगलवार को कर दी थी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दावा किया कि शिक्षक उनके समर्थक थे.
राज भवन ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि यह घटना असहिष्णुता और राज्य में कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को दिखाती है. बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं मंत्री पार्थ चटर्जी ने राज्यपाल पर ‘रोजाना राजनीतिक बयानबाजी’ करने का आरोप लगाया था और उन्हें ‘संवैधानिक दायरे’ में रहने की याद दिलाई थी.