इंदौर : सोशल मीडिया पर अश्लील चैटिंग के स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट वायरल होने के बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन संभाग के संगठन मंत्री पद से हटाये गये वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदीप जोशी पर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने एक युवक के यौन शोषण का आरोप लगाया है. इसके साथ ही, "पीड़ित" युवक के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से मांग की है कि वह मामले का तुरंत संज्ञान लें. प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव राकेश सिंह यादव ने यहां मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जोशी द्वारा युवक के यौन शोषण का मामला 20 दिन पहले से चर्चा में था.
हमें यह भी पता चला है कि जोशी ने साम-दाम-दण्ड-भेद का इस्तेमाल करते हुए तमाम प्रयास किये थे कि उनकी इस करतूत से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर हर्गिज सामने न आने पाये." उन्होंने कहा, "जोशी ने जिस युवक को यौन शोषण का शिकार बनाया था, उसके बारे में हमें पता चला है कि उसने पूरे मामले का खुलासा करने का निर्णय किया था ताकि आइंदा किसी अन्य युवा का यौन शोषण न हो सके. लेकिन जोशी और पीड़ित युवक के बीच हुई आपत्तिजनक चैटिंग के स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट वायरल होने से 20 दिन पहले ही इस पीड़ित लड़के और उसके परिवार को गायब कर दिया गया है." यादव ने कहा, "हमें आशंका है कि जोशी के यौन शोषण के शिकार युवक की हत्या कर दी गयी है. उज्जैन पुलिस को मामले का फौरन संज्ञान लेना चाहिए."
कांग्रेस के आरोपों पर कई प्रयासों के बाद भी जोशी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है. वरिष्ठ भाजपा नेता के नाम के इस्तेमाल के साथ सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक कंटेंट की प्रामाणिकता की फिलहाल स्वतंत्र रूप से तसदीक नहीं हो सकी है. हालांकि, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने मामले में कांग्रेस के आरोपों को "राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित" बताते हुए कहा, "प्रदेश भाजपा संगठन मामले को गंभीरता से लेते हुए जोशी को उज्जैन संभाग के संगठन मंत्री के पद से पहले ही मुक्त कर चुका है." उधर, उज्जैन के पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने कहा, "हमें मीडिया की खबरों के जरिये मामले की जानकारी मिली है. लेकिन हमें इस मामले में यौन शोषण या गुमशुदगी को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है." अतुलकर ने कहा कि मामले से जुड़े युवक की फिलहाल पहचान भी नहीं हो सकी है.