Azim Premji Retires: पिता की वनस्पति तेल बनानेवाली WIPRO को बनाया ग्लोबल IT कंपनी

विप्रो (Wipro) के चेयरमैन अजीम प्रेमजी (Azim Premji) आज रिटायर होने जा रहे हैं. 73 साल के अजीम प्रेमजी ने 53 साल तक कंपनी केमुखिया की जिम्मेदारी संभालने के बाद पिछले दिनों सेवानिवृत्ति की इच्छा जतायी थी.... हालांकि, अजीम प्रेमजी गैर-कार्यकारी निदेशक और संस्थापक चेयरमैन के रूप में निदेशक मंडल में बने रहेंगे. उनके बेटे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 29, 2019 9:01 PM

विप्रो (Wipro) के चेयरमैन अजीम प्रेमजी (Azim Premji) आज रिटायर होने जा रहे हैं. 73 साल के अजीम प्रेमजी ने 53 साल तक कंपनी केमुखिया की जिम्मेदारी संभालने के बाद पिछले दिनों सेवानिवृत्ति की इच्छा जतायी थी.

हालांकि, अजीम प्रेमजी गैर-कार्यकारी निदेशक और संस्थापक चेयरमैन के रूप में निदेशक मंडल में बने रहेंगे. उनके बेटे मुख्य रणनीति अधिकारी और निदेशक मंडल के सदस्य रिशद प्रेमजी कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन का पदभार संभालेंगे.

देश के चौथे सबसे रईस शख्स
21 साल की उम्र में पिता मोहम्‍मद हाशिम प्रेमजी (MH Premji) की कुकिंग ऑयल कंपनी वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड (WIPRO) काकारोबार संभालनेवाले अजीम प्रेमजी आज देश के चौथे सबसे रईस शख्स हैंऔर विप्रो (Wipro) इस समय देश की चार सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है.

बर्मा के राइस किंग थे पिता
प्रेमजी का परिवार मूल तौर पर बर्मा (म्यांमार)कावाशिंदा रहा है. प्रेमजी के पिता मोहम्‍मद हाशिम बर्मा के राइस किंग कहलाते थे. कुछ अज्ञात वजहों से उनका परिवार 1930-40 के दशक में भारत में गुजरात के कच्छ आ गया. गुजरात में भी उन्होंने चावल का कारोबार शुरू किया. कारोबार चल निकला. कालांतर में हाशिम ने अपना कारोबार चावल से वनस्पति घी की ओर मोड़ दिया और 1945 में उन्होंने वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स लिमिटेड का गठन किया.

21 साल की उम्र में संभाली पिता की बागडोर
पिता मोहम्मद हाशिम की मौत के बाद 21 साल कीउम्र में अजीम प्रेमजी को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़कर भारत लौटकर उन्हें पिता की कंपनी की कमान संभालनी पड़ी. अजीम के पिता हाशिम भी यही चाहते थे. युवा अजीम को तब कारोबार का कोई अनुभव नहीं था. गुजरते समय के साथ उन्होंने खुद को साबित कियाऔर विप्रो को एक मल्टीनेशनल कंपनी में बदल दिया.

कंपनी की पॉलिसी को बनाया धारदार
अजीम प्रेमजी ने जब कारोबार संभाला, उससे साल भर पहले तक कंपनी काबाजार मूल्य लगभग 7 करोड़ रुपये था. उस समय के लिहाज से भी कंपनी बड़ी थी. प्रेमजी ने कंपनी की पॉलिसी, तकनीक और प्रोडक्ट को धारदार बनाया. इससे कंपनी ने तेजरफ्तार पकड़ी. अजीम ने 1980 में आईटी बिजनेस में कदम रखा और कंपनी पर्सनल कंप्यूटर बनाने लगीऔर सॉफ्टवेयर सर्विसेज की भी शुरुआत की. इसके साथ ही कंपनी का नाम बदलकर विप्रो (WIPRO) किया गया.

वेजिटेबल ऑयल कंपनी को ग्लोबल आईटी कंपनी बनाया
1989 में प्रेमजी ने अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिकल्स (GE) के साथ मिलकर मेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर बनाया. और इस तरह वेजिटेबलऐंड रिफाइंड ऑयल, बेकरी, टॉयलेटरी और लाइटिंग वगैरह के प्रोडक्ट बनानेवाली कंपनी को प्रेमजी ने आज की तारीख में 1.8 लाख करोड़ रुपये कीवैश्विक स्तर की आईटी कंपनी में बदल दिया है. टाइम मैगजीन की ओर से साल 2004 और 2011 में सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल कियेजा चुके अजीम प्रेमजी भारतीय आईटी इंडस्ट्री के दिग्गज कहे जाते हैं.

52750 करोड़ रुपये के शेयर दान किये
फोर्ब्स की सूची में प्रेमजी विश्व में 38वें स्थान पर है. उनकी कुल नेटवर्थ 510 करोड़ रुपये है. वित्त वर्ष 2018 में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के बाद भारतके दूसरे सबसे अमीर अरबपति थे. बीते मार्च महीने में उन्होंने विप्रो के 34 फीसदी शेयर,जिनका बाजार मूल्य 52750 करोड़ रुपये है, चैरिटी के लिए दान कर दिये. अजीम प्रेमजी फाउंडेशनने तब एक बयान में कहा था, प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ायी है.

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