सोना में निवेश अब भी है ”सोना”, जानिए क्यों?
नयी दिल्ली : आम तौर पर माना जाता है शेयर बाजार में निवेश खतरों भरा होता है. बावजूद इसके कई लोग आज के दौर में शेयर बाजार में निवेश को उत्साहित हैं. ऐसे में छोटे निवेशकों को उससमय बड़ा झटका लगता है जब बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है. विशेषज्ञों की मानें तो […]
नयी दिल्ली : आम तौर पर माना जाता है शेयर बाजार में निवेश खतरों भरा होता है. बावजूद इसके कई लोग आज के दौर में शेयर बाजार में निवेश को उत्साहित हैं. ऐसे में छोटे निवेशकों को उससमय बड़ा झटका लगता है जब बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है. विशेषज्ञों की मानें तो जब भी बाजार में गिरावट आती है तो सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होती है. गुरुवार को वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय बाजार में जबर्दस्त गिरावट देखने को मिली. बाजार 807 अंक गिरकर 23000 से भी नीचे आ गया. बाजार में इस गिरावट के कारण निवेशकों के तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गये.इस बीच सोने की कीमतें फिरलगातार उपर जारही है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की पूरी संभावना है. विदेशों में तेजी के रुख ओर शादी-विवाह वालों की मांग को पूरा करने के लिए आभूषण निर्माताओं की लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव 215 रुपये की तेजी के साथ 28800 रुपये प्रति दस ग्राम तक जा पहुंचे.
सोना इस समय 18 माह के उच्चस्तर पर आ गया है और इस साल सोने की कीमतों में यह सबसे लम्बी लगातार वृद्वि है. डालर की तुलना में रुपये कमजोर होने से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई. वहीं मौजूदा उच्चस्तर पर बिकवाली के चलते चांदी 130 रुपये टूटकर 37100 रुपये प्रति किलो पर आ गयी. आज के दिन सोना 24 कैरेट 29,550 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया है. शेयर बाजार की गिरावट के बाद निवेशकों का ध्यान स्वत: ही सोनो की ओर जाता है ऐसे में सोना की कीमतों में भी इजाफा होता है. आकड़े बताते हैं कि जब-जब शेयर बाजार में गिरावट आयी है सोने के भाव उपर चढ़े हैं. बाजार में गिरावट के बाद छोटे निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है. ऐसे में निवेशकों को सोना में निवेश की सलाह दी जाती है.
विभिन्न बैंकों के पास हैं गोल्ड स्कीम
सोना में निवेश का सस्ता और आसान उपाय बैंकों द्वारा चलाये जा रहे गोल्स स्कीम में निवेश है. एसआईपी के माध्यम से कई बैंक सोने में निवेश के लिए पैसा जमा करते हैं. इन पैसों का उपयोग सोने में निवेश के लिए होता है और भाव में बढ़ोतरी का फायदा ग्राहकों को मिलता है. सोने के जेवर आदि खरीदकर रखना भी सोने में निवेश का एक माध्यम है, लेकिन छोटी पगार वाले लोग इस प्रकार के निवेश में कम ही रुचि दिखाते हैं. उनके लिए गोल्ड एसआईपी अच्छा उपाय है. सरकार की ओर से भी समय-समय पर स्वर्ण मौद्रिकरण स्कीम निकालकर लोगों को सोना में निवेश को बढ़ावा देने का अवसर दिया जाता है.
बाजार पर अभी भी मंडरा रहा है मंदी का खतरा
विश्व भर के बाजारों पर अभी भी मंदी का खतरा मंडरा रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. साल 2015 दुनियाभर के बाजारों के लिए अच्छा नहीं रहा. इस साल जापान, चीन और अमेरिका के बाजारों में कई बार गिरावट देखने को मिली. ऐसे में शेयर बाजार में निवेश खतरों से खाली नहीं है. बाजार की स्थिति देखते हुए फेडरल रिजर्व ने भी अपनी मौद्रिक समीक्षा में दरों को अपरिवर्तित रखा. भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बाजार की स्थिति के मद्देनजर ही इस बार मौद्रिक समीक्षा में दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया. गुरुवार को फेडरल रिजर्व की प्रमुख जैनेट येलेन के वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रति चेतावनी के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में जोरदार बिकवाली का दौर चल पड़ा और अमेरिका सहित दुनिया के प्रमुख बाजारों के शेयर सूचकांक तेजी से गिरे.
बाजारों पर तेल कीमतों में गिरावट का भी असर दिखा. कच्चे तेल के भाव घटकर 12 साल के लगभग न्यूनतम स्तर पर आ गये हैं. न्यूयार्क का डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में कल गिरावट आयी. इस खबर के बाद एशियाई बाजारों में भी गिरावट आयी. यूरोप में जोरदार बिकवाली का सिलसिला चला. एथेंस के बाजार में छह प्रतिशत की गिरावट आयी, जबकि मिलान में शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत की गिरावट आयी. पेरिस का बाजार चार प्रतिशत टूटा. फ्रैंकफर्ट तथा मैड्रिड के बाजारों में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी. दूसरी ओर लंदन का बाजार शुरू में 2.7 प्रतिशत कमजोर था. भारतीय बाजार में भी रिकार्ड गिरवट दर्ज की गयी.
बाजार की दस बड़ी गिरावट और सोने के भाव
तारीख | सेंसेक्स में गिरावट (अंकों में) | सोने के भाव (प्रति दस ग्राम) |
21जनवरी 2008 | 1408.35 | 11,157 रुपये |
17 मार्च 2008 | 951.03 | 12,720 रुपये |
03 मार्च 2008 | 900.84 | 12,782 रुपये |
22 जनवरी 2008 | 875.41 | 11,200 रुपये |
11 फरवरी 2008 | 833.98 | 11,738 रुपये |
18 मई 2008 | 826.38 | 12,053 रुपये |
11 फरवरी 2016 | 807.07 | 29,550 रुपये |
13 मार्च 2008 | 770.03 | 12,100 रुपये |
17 सितंबर 2007 | 769.48 | 10,051 रुपये |
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